हल्द्वानी, जेएनएन : राज्य में किसानों को समृद्ध करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को रुद्रपुर में जिस योजना का शुभारंभ करने जा रहे हैं, उसका नाम है राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना। इसकी लागत 3340 करोड़ रुपये है। इसके तहत किसानों को ब्याजमुक्त लोन के साथ ही कई अन्य तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। सहकारिता विभाग की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना किसानों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत संयुक्त सहकारी खेती एवं उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण एवं विपणन की समुचित व्यवस्था कर किसानों को उचित लाभ दिलाना है। खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जाना है। कृषि उत्पादों को खेती से बाजार तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए मार्केटिंग को दुरुस्त किया जाएगा।

समिति सदस्यों को होंगे 20 हजार दुधारू पशु : इस परियोजना के तहत दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से तीन व पांच दुधारू पशुओं व 50 पशुओं की सहकारी डेरी फार्म की स्थापना की जाएगी। समिति के सदस्यों को 20 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे। 5266 पशुपालकों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया जाएगा। 55 हजार सदस्यों को पशु स्वास्थ्य सेवा व पशुआहार उपलब्ध कराया जाएगा।

सीमांत क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा लाभ : राज्य के सीमांत क्षेत्र के छोटे कृषकों के आय का मुख्य साधन भेड़-बकरी पालन है। इसे बढ़ाने के लिए 10 हजार भेड़-बकरी पालकों को संगठित किया गया है। इसकी ब्रांडिंग की जाएगी।

अनुपयोगी भूमि को भी बनाया जाएगा उपयोगी : इस परियोजना के तहत अनुपयोगी भूमि को भी उपयोग कर सहकारी सामूहिक खेती के माध्यम से ग्राम स्तर पर कृषि उत्पादों में वृद्धि होगी।

गरीबों को मिलेगा ब्याजमुक्त ऋण : इसके तहत दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना भी चलेगी। इसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों को एक लाख रुपये और स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक ब्याजरहित ऋण मिलेगा।

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Posted By: Skand Shukla

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