यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम मोदी ने डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे को दिया पीएचडी अवार्ड
पीएम मोदी ने शनिवार को अहमदाबाद में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शिरकत की। इस दौरान पीएम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: डीआइजी कुमाऊं डा. नीलेश आनंद भरणे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएचडी अवार्ड से सम्मानित किया है। गुजरात के अहमदाबाद में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन को पीएम ने राष्ट्र को समर्पित करते हुए प्रथम दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिग्री भी दी। कांपरेटिव स्टडी आफ लाइ डिटेक्शन टेक्निकस इन क्राइम केस विषय पर शोध के लिए डीआइजी भरणे को यह अवार्ड मिला। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह, गुजरा के राज्यपाल देवव्रत और सीएम भूपेंद्र भाई पटेल समेत देश की अन्य बड़ी हस्तियां मौजूद थी। वहीं, उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने इस उपलब्धि पर डीआइजी को बधाई देते हुए कहा कि पुलिसिंग के लिए इस शोध से फायदा मिलेगा।
दीक्षांत समारोह के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने पुलिस व सुरक्षाकर्मियों को छवि बदलने की जरूरत पर बल दिया। कोरोना महामारी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा किए मानवीय कार्यों पर चर्चा भी की। पीएम ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के सुरक्षा तंत्र में सुधार की आवश्यकता थी। एक धारणा बन चुकी थी कि वर्दीधारी कर्मियों से सावधान रहना होगा। लेकिन अब वर्दीधारी को देख लोगों को मदद को आश्वासन मिलता है। यानी धारणा बदल गई। मोदी ने पुलिसकर्मियों के लिए नौकरी के तनाव से निपटने में संयुक्त परिवारों के घटते समर्थन के बारे मेें भी बात की। उन्होंने कहा कि देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए तनाव मुक्त प्रशिक्षण गतिविधियां समय की जरूरत है।
फोरेसिंक साइक्लोजी के पहले पीएचडी आइपीएस
डा. नीलेश आनंद भरणे 2005 बैच के उत्तराखंड कैडर के आइपीएस अधिकारी है। नागपुर यूनिवर्सिटी से साइक्लोजी काउंसलिंग में डिप्लोमा व इसी विषय पर एमए, एमफिल भी वह कर चुके हैं। वहीं, फोरेसिंक साइक्लोजी में पीएचडी करने वाले वह देश के पहले आइपीएस अधिकारी भी हैं।
राष्टीय रक्षा विवि
अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय रक्षा विवि पुलिस विज्ञान व प्रबंधन, आपराधिक कानून और न्याय, साइबर मनोविज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व साइबर सुरक्षा, अपराध जांच, रणनीतिक भाषाओं, रणनीति, शारीरिक शिक्षा और खेल, तटीय और समुद्री सुरक्षा जैसे पुलिस और आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में डाक्टरेट स्तर के पाठ्यक्रम प्रस्तुत करता है। वर्तमान में इन कार्यक्रमों में 18 राज्यों के 822 छात्र पढ़ रहे हैं।
