घनश्याम जाेशी, बागेश्वर : मिनी स्विटजरलैंड कहे जाने वाले उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन कौसानी में बंगाली पर्यटकों का सीजन शुरू हो गया है। 30 सितंबर से होटल और रेस्टोरेंट में 50 प्रतिशत बुकिंग भी हो चुकी है। वर्षा के बाद कौसानी के श्रृंगार में इस बीच चार चांद लगे हुए हैं।

ठंडी हवा और सुबह की गुनगुनी धूप सेहत के लिए भी अच्छी होती है। जिसको लेकर पर्यटक कौसानी घूमनेे आते हैं। मौसम साफ रहने पर सूर्याेदय के साथ ही हिमालय दर्शन यहां से होते हैं। यहां करीब 50 से अधिक होटल एवं रेस्टोरेंट हैं। यह सीजन दिसंबर अंत तक चलेगा।

विश्व प्रसिद्ध कौसानी में महात्मा गांधी ने 14 दिन का प्रवास किया। उन्होंने अनासक्ति योग भी लिखा। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां प्रकृति से सबकुछ न्यौछावर किया है। हिमालय की लंबी श्रृंखला का दीदार होता है। दीपावली पर्व के दौरान यहां बंगाली पर्यटक अधिक रहता है। वर्षभर में लगभग 20 हजार से अधिक पर्यटन अक्टूबर से दिसंबर तक पहुंचते रहे हैं।

कौसानी में देखने लायक

अनाशक्ति आश्रम, लक्ष्मी आश्रम, कौसानी शाल फैक्ट्री, स्टेट गेस्ट हाउस, राधा कृष्ण मंदिर, चाय बागान फैक्ट्री, पिनाथेश्वर, रूद्राधारी मंदिर, शांति वन, होम स्टे के अलावा बैजनाथ धाम और झील।

ठहरने की व्यवस्था

राज्य अतिथि गृह, केएमवीएन पर्यटक आवास गृह, जिला पंचायत का डांक बंगला, कृष्णा होटल, प्रशांत, सुमित, जीतू, हिमालया माउंट व्यू, सुमन, नेचर वैली होटल अठगाड़, हैरिटेज समेत 50 से अधिक होटल हैं। ऐसे में इस सीजन में अच्छे पर्यटन कारोबार की संभावना है।

पर्यटकों का वर्षवार आंकड़ा

वर्ष    भारतीय पर्यटन  विदेशी पर्यटक

2019    1,04,841      519

2020    11861           10

2021    45807           08

2022    1,02031        06 अब तक

कौसानी 50 फीसद होटल बुक

होटल ऐसोसिएशन के अध्यक्ष बलवंत नेगी ने बताया कि कौसानी में अब साल भर पर्यटक पहुंच रहे हैं। पहले शरद ऋतु में छोटा पर्यटन सीजन चलता था। पिछले पांच वर्ष से इस छोटे सीजन में जिस तरह से बंगाली पर्यटक पहुंच रहे हैं, उससे यह सीजन यौवन पर है। 50 प्रतिशत होटलों की बुकिंग आनलाइन हो गई है।

पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का किया जा रहा काम

जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ती चंद्र आर्य ने बताया कि पर्यटकों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। सुरक्षा आदि के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्यटन व्यवसाय बढ़ाने के लिए सरकार भी निरंतर काम कर रही है। बैजनाथ झील में नौकायन का भी पर्यटक जल्द लुत्फ उठा सकेंगे।

Edited By: Skand Shukla