संस, भीमताल : नगर के अंतर्गत ही जौंस एस्टेट में पहली बार टाइगर दिखाई देने से लोग दहशत में हैं। जौंस एस्टेट के जंगल के पास रहने वाले चंदन नौगाई और उनके परिवार ने जौंस एस्टेट में शुक्रवार दोपहर पहली बार झाड़ियों में टाइगर देखा। चंदन ने बताया कि बचपन से इलाके में तेंदुआ देखते आ रहे हैं मगर टाइगर की दस्तक से अब डर लगने लगा है। टाइगर मेरे खेत की झाड़ियों में लगभग आधा घंटा बैठा रहा। दहशत में मेरा परिवार पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकला। कूरी की झाड़ियां-सांभर से जुड़ा है मसला

क्षेत्र के ही निवासी बटरफ्लाइ शोध संस्थान के निदेशक पीटर स्मैटाचैक ने टाइगर देखे जाने को मामूली घटना बताया। बताया कि टाइगर के शरीर पर काली रेखाएं दिखाई देती हैं जबकि तेंदुए के शरीर पर काले धब्बे। जौंस एस्टेट में पहले जब कूरी आदि की बहुत अधिक झाड़ियां थीं, तब यहां सांभर भी काफी थे। बाद में जंगल में आग लगने से कूरी की झाड़ियां जल गई और टाइगर का पसंदीदा भोजन सांभर भी नजर नहीं आने लगा। अब कूरी की झाड़ियां फिर उग आई हैं। ऐसे में संभव है कि टाइगर भी आ गया होगा। दो साल पहले सलड़ी के जंगल में भी दिखा था टाइगर

दो साल पूर्व सलड़ी के पास जंगल से सड़क पार करते हुए कुछ वाहन चालकों ने टाइगर दिखाई देने की बात बताई थी। तब भी टाइगर की उपस्थिति के बारे में वन विभाग को कोई जानकारी नहीं थी थी। वहीं नैनीताल के समीप लरियाकांटा और आसपास भी टाइगर होने की बात स्थानीय लोग बताते हैं। भीमताल में टाइगर दिखाई देने का यह पहला मामला है। ------वर्जन-----

कुछ माह पूर्व ड्रोन आदि लगाकर जानवरों के बारे में वन विभाग ने जानकारी जुटाई थी, तब क्षेत्र में तेंदुए तो दिखाई दिए पर टाइगर नहीं। अब टाइगर की उपस्थिति की जानकारी मिल रही है तो क्षेत्र में टीम भेजकर एक बार पुन जानकारी जुटाई जायेगी

-मुकुल शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी, भवाली-भीमताल -----वर्जन-----

डीएफओ टीआर बीजू लाल ने क्षेत्र में किसी टाइगर की उपस्थिति से इनकार किया है। बताया कि विभाग के पास टाइगर की उपस्थिति की सूचना नहीं है। अलबत्ता उन्होंने एक बार फिर जंगल में गश्त कराने की बात कही।

Posted By: Jagran

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