चम्पावत, विनय कुमार शर्मा : इंडो नेपाल बॉर्डर पर पकड़ी गई पाकिस्तान मूल की अमेरिका नागरिक फरीदा मलिक के तार हनी ट्रैपिंग से जुड़े होने की संभावना है। फरीदा पढ़ी लिखी होने के साथ खूबसूरत व अविवाहित भी है। फरीदा के पल-पल बदलते बयान को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को अंदेशा है कि वह गिरोह में रहकर खास लोगों को फंसाने का काम कर रही है।
आइबी ने कुछ दिन पूर्व अलर्ट जारी किया था कि कुछ महिला आइएसआइ एजेंट नेपाल से भारत में प्रवेश करने के लिए नेपाल पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को इंडो नेपाल बॉर्डर पर बगैर पासपोर्ट के पकड़ी गई फरीदा मलिक फर्जी तरीके से भारत में दाखिल होना चाहती थी। फरीदा जिस बस से भारत में आ रही थी उस बस में उसने अपने आपको 28 वर्षीय भारतीय महिला बताया। फरीदा के बयानों के अनुसार वह पूर्व में भी कई बार बिना पासपोर्ट के इंडिया आ चुकी है। उसके फोन में मिले एक मैसेज के अनुसार वह जनवरी में भी भारत आ चुकी है। वह अपना बार-बार बयान बदल रही थी। फरीदा साइंस ग्रेजुएट है। 2014 से पहले अलग-अलग साइबर कंपनियों में अमेरिका में काम कर चुकी है। उसने पहले नेपाल में मेडिकल एनजीओ से जुड़े होने की भी बात कही। जून में ईद के समय वह कराची गई थी। फरीदा को पता था कि वह पाक बॉर्डर से भारत में प्रवेश नहीं कर सकती। इसके बाद वह नेपाल के रास्ते फर्जी तरीके से भारत में दाखिल होना चाहती थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि या तो वह हनी ट्रेपिंग गिरोह से जुड़ी हो सकती है या फिर नेपाल में रहकर भारत विरोधी गतिविधि पर काम कर रही है। वह 1995 से भारत में निरंतर गलत तरीके से आ रही है।
फरीदा के पास करीब एक-एक लाख रुपये के दो महंगे मोबाइल थे। एक हाथ में गोल्ड की चूडिय़ां पहने हुई थी। वह शुद्ध हिंदी बोल रही थी। वह पूछताछ के दौरान जब भी फंसती तो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगती। वह जो भी फोन नंबर दे रही थी उन पर फोन ही नहीं लगा। इन सभी गतिविधियों को देखते हुए खुफिया एजेंसियां फरीदा को संदिग्ध मान रही है। सूत्रों की मानें तो आइबी भी जल्द फरीदा को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। बगैर पासपोर्ट व वीजा के नेपाल के रास्ते भारत में आ रही पाकिस्तान मूल की अमेरिकी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। वह काठमांडू से दिल्ली जा रही थी। 
शुक्रवार रात्रि आठ बजे भारत नेपाल मैत्री बस के इमीग्रेशन चेक पोस्ट बनबसा के समीप पहुंची। यहां इमीग्रेशन अधिकारियों ने बस में थर्ड कंट्री नागरिक के पहचान के लिए यात्रियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की तो एक पाकिस्तान मूल की महिला बगैर पासपोर्ट के भारत जा रही थी। पूछताछ में पहले वह खुद को नेपाली नागरिक बता रही थी। संदिग्ध लगने पर उसे पूछताछ के लिए बस से उतार लिया गया था। चेकिंग के दौरान उसके पास पासपोर्ट व वीजा नहीं मिला। पासपोर्ट की केवल फोटो कॉपी थी। महिला ने अपना नाम फरीदा मलिक (50) पुत्री सुल्तान अख्तर मलिक बताते हुए अमेरिकी नागरिक होना बताया। महिला का कहना था कि वह अपना पासपोर्ट काठमांडू में भूल आई है। वह पाकिस्तान के कराची में 1968 में पैदा हुई और 16 वर्ष बाद यूएसए के वाशिंगटन रहने चली गई। जहां 1992 में उसे यूएसए की नागरिकता मिल गई। फरीदा ङ्क्षहदी बहुत अच्छी बोल रही है। वह साइबर की अच्छी एक्सपर्ट है। फरीदा ने अभी शादी नहीं की है। इमीग्रेशन चेक पोस्ट के सीपीओ इंदर सिंह ने बताया कि संदिग्ध पाकिस्तानी महिला फरीदा नोएडा में चैरिटी शो में जा रही थी। दिल्ली में किससे मिलने जा रही है, नहीं बता सकी। महिला के पास पासपोर्ट और वीजा न पाये जाने पर पूछताछ के बाद देर रात्रि उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। 

महिला का कराया गया मेडिकल
थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी नागरिक फरीदा मलिक के पास वैध कागजात नहीं पाए जाने पर उसके खिलाफ 3 पासपोर्ट अधिनियम 1920 और 14 विदेशी अधिनियम 1946 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। फरीदा का संयुक्त चिकित्सालय टनकपुर में मेडिकल कराया गया। 

Posted By: Skand Shukla