हल्द्वानी, जेएनएन : स्कूल व उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत अब अनाथ व नारी निकेतन में रहने वाली बालिकाओं के लिए स्थायी निवास, परिवार रजिस्टर व आय प्रमाण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। केवल जिलाधिकारी के प्रमाण पत्र के आधार पर ही जरूरतमंद बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। रेगुलर के साथ ही प्राइवेट 10वीं व 12वीं पास बालिकाओं को भी इसका लाभ दिया जाएगा। जबकि सामान्य बालिकाओं के लिए आवेदन के साथ सभी तरह के प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। 

बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग की ओर से संचालित की जा रही नंदा गौरा योजना में बदलाव के शासनादेश के बाद जिलों में नए जीओ के अनुसार ही बालिकाओं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। वर्ष 2018-19 में स्थायी निवास, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज न होने के कारण जिन बालिकाओं के अभिभावक आवेदन नहीं कर पाए, वे वित्तीय वर्ष 2019-20 में योजना का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। संबंधित बालिकाओं के अभिभावकों को अपने जिले के बाल विकास परियोजना कार्यालय में संपर्क करना होगा। आवेदन पत्र जमा करने के लिए कन्या के जन्म के तीन महीने के भीतर जन्म की सूचना देने की समय सीमा को बढ़ाकर पांच माह कर दिया गया है। जिसमें विलंब का कारण भी बताना होगा। योजना के तहत लाभार्थी बालिकाओं को अलग-अलग किस्तों में 51 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है।

नए प्रावधानों के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाएंगे

चम्पा कोठारी, सीडीपीओ, हल्द्वानी ग्रामीण ने बताया कि नंदा गौरा योजना में संशोधित शासनादेश प्राप्त हो चुका है। अब नए प्रावधानों के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

Posted By: Skand Shukla

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