बागेश्वर, जागरण संवाददाता : सब्जियों के उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पहली बार उद्यान विभाग ने प्याज के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया है। लगभग 20 हजार किसानों को एक क्विंटल प्याज का बीज उपलब्ध कराया गया है। यह बीज काश्तकारों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दिया गया है। अलबत्ता जिले में प्याज की खेती को बढ़ाने में उद्यान विभाग जुट गया है।

केंद्र और राज्य सरकार काश्तकारों की आय दोगुनी करने का निरंतर प्रयास कर रही है। जिसके तहत उद्यान विभाग ने जिले में पहली बार अभिनव प्रयोग किया है। विभाग की नर्सरी में चार नाली भूमि पर 16 किलो बीज की बुवाई की है। जिससे लगभग दो हजार किसानों को प्याज के पौधे मुहैया कराए जाएंगे। एक प्याज के पौध का मुट्ठा लगभग 40 रुपये का होगा। जिसमें एक हजार तक पौधे होंगे। इसके अलावा सचल दलों के माध्यम से किसानों को एक क्विंटल बीज भी वितरित किया गया है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी

प्याज का बीज खरीदने पर काश्तकार को 50 प्रतिशत सब्सिडी उद्यान विभाग दे रहा है। एक किलो बीज की कीमत 2100 रुपये है। सब्सिडी के बाद 1050 रुपये होगी। जिले की आबोहवा भी प्याज की खेती के लिए उन्नत है। पहले यहां रानीखेती प्याज के नाम से पौधे आते थे। काश्तकार छह माह के लिए प्याज का उत्पादन कर लेते हैं।

बाजार भी कराया मुहैया

सहायक उद्यान अधिकारी कुलदीप जोशी ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से काश्तकारों को बाजार भी उद्यान विभाग मुहैया करा रहा है। जिले में लगभग बीस क्विंटल तक प्याज उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। पहाड़ी प्याज की डिमांड तराई में भी है। सलाद आदि के लिए भी यह प्याज अच्छा माना जाता है।

बागवानी के लिए सरकार की तमाम योजनाएं

जिला उद्यान अधिकारी बागेश्वर आरके सिंह ने बताया कि उद्यानीकरण और बागवानी के लिए सरकार की तमाम योजनाएं हैं। कोरोना के बाद घर लौटे प्रवासियों को भी सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया गया। जिस पर बेहतर काम हो रहा है। प्याज की फसल के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। बीज जमकर तैयार हो रहा है।

Edited By: Skand Shukla