नैनीताल : करोड़ों रुपये के एनएच मुआवजा घोटाला मामले में एसआइटी ने एक और आरोपित किसान को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी करप्शन कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस घोटाले में अब भी तीन दर्जन से अधिक आरोपितों की गिरफ्तारी होनी हैं। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट तथा कुर्की के नोटिस कोर्ट द्वारा जारी किए गए हैं। बुधवार को घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने बलदेव सिंह पुत्र प्रीतम सिंह निवासी चीकाघाट, ऊधमसिंह नगर को जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नरेंद्र दत्त की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

अभियोजन पक्ष के डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि एनएच-74 चौड़ीकरण में चीकाघाट तहसील सितारगंज के खसरा नंबर -54, रकवा 0.1350 हेक्टेयर भूमि की बैक डेट में धारा-143 जेड एसएलओ की कार्रवाई तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनियां से कराई गई। उक्त खाता माल कागजातों में मुरली सिंह निवासी चीकाघाट के नाम दर्ज है। थारू जनजाति के मुरली की मृत्यु करीब 40 साल पहले ही हो गई थी। तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह से मिलकर मुआवजा की धनराशि एक करोड़ 30 लाख 97 हजार सात सौ रुपये कृषि भूमि को अकृषि भूमि दिखाकर ली गई। भुगतान से पहले डीपी सिंह ने आरोपित बलदेव सिंह से दो ब्लैंक चेक पर दस्तखत करने के बाद ही मुआवजा खाते में आना बताया। आरोपित के खाते में रकम आने के बाद डीपी सिंह ने 36 लाख 20 हजार रुपये अलग-अलग कुल 72 लाख 40 हजार सौ रुपये सितारगंज एक्सिस बैंक से प्राप्त किए। बलदेव ने कोर्ट में बताया कि डीपी सिंह ने धमकाकर ब्लैंक चेकों पर दस्तखत कराए। कोर्ट ने बलदेव को 27 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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