नैनीताल, जेएनएन : जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव खुल्बे की कोर्ट ने बहुचर्चित बाजपुर-सितारगंज हाईवे (एनएच-74) मुआवजा घोटाले में अदालत में गैर हाजिर रहे मुख्य आरोपित पीसीएस अफसर डीपी सिंह व एडीएम तीरथपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। जबकि इसी मामले में 22 अन्य आरोपितों पर आरोप तय करते हुए अभियोजन साक्ष्य के लिए अगली तिथि 14 नवंबर नियत कर दी। कोर्ट के सख्त रवैये के बाद डीपी सिंह व तीरथपाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

घोटाले की जांच कर रही एसआइटी द्वारा डीपी सिंह व तीरथपाल सिंह के अलावा तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया, पेशकार संजय चौहान, अनुसेवक राजसनुज, संग्रह अमीन अनिल कुमार, तहसीलदार मदन मोहन पलडिय़ा व भोलेलाल, पेशकार विकास कुमार, काश्तकार चरण सिंह, स्टांप वेंडर जीशान, किसान ओमप्रकाश, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, एसडीएम अनिल शुक्ला, एसडीएम नंदन सिंह नगन्याल, तहसीलदार मोहन सिंह, पेशकार संतराम, चकबंदी अधिकारी अमर सिंह व गणेश प्रसाद निरंजन, हरजिंदर सिंह, हीरा लाल, दिलबाग सिंह, विक्रमजीत सिंह, मनदीप सिंह तथा रजिस्ट्रार कानूनगो रहे रघुवीर सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। एक आरोपित रघुवीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है।

शुक्रवार को डीपी सिंह व तीरथपाल को छोड़कर 22 आरोपित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनके विरुद्ध आरोप तय कर दिए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता बहादुर पाल द्वारा निर्वाचन ड्यूटी की वजह से आरोपितों का अवकाश स्वीकृत नहीं होने से संबंधित प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश किया। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने इसका विरोध किया।  कोर्ट ने प्रार्थना पत्र अस्वीकार करते हुए डीपी सिंह व तीरथपाल के खिलाफ एनबीडब्लू जारी कर दिया। मामले में अगली सुनवाई की तिथि 14 नवंबर नियत की है। डीजीसी के अनुसार अगली तिथि को अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

Posted By: Skand Shukla

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