नैनीताल, जागरण संवाददाता : नैनीताल में रातभर लगातार मूसलाधार बारिश से शहरवासियों की रात दहशत में गुजरी। अतिसंवेदनशील इलाकों के लोगों की नींद गायब रही। नैनी झील के निकासी द्वार खोलने से निकले पानी ने नाले के आसपास बने मकानों में रहने वालों लोगों में खलबली मची रही। नैनीताल का संपर्क हल्द्वानी, कालाढूंगी रोड और भवाली से सम्पर्क कटा है। मंगलवार सुबह अखबार व दूध की सप्लाई भी बंद रही। आधी रात से बिजली गायब होने से पानी की सप्लाई भी बंद हैं। वहीं आपदा कंट्रोल रूम के तीनों नंबर भी आधी रात से डेड थे।

छावनी परिषद के पंप हाउस के पानी मे डूबने के बाद वहां भी आज पानी सप्लाई ठप रहने की जानकारी दी गई है। बारिश से जिले की एक दर्जन से अधिक सड़कों पर यातायात ठप है। झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से पानी नयना देवी मंदिर के साथ ही गुरुद्वारा, बोट हाउस क्लब के ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गया है। जिससे यहां चिंता बढ़ गई है। लोअर माल रोड तक झील का पानी पहुंच गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ऑटोमेटिक गेट लगाने को लेकर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार मैनुअल निकासी गेट पांच थे, जो अब दो ही रह गए। साथ ही अधिकतम क्षमता भी 18 इंच की है।

कृष्णापुर में बढ़ा खतरा

लगातार हो रही बारिश से बलियानाला के आसपास के मोहल्लों में दहशत है। बीती रात कृष्णापुर में दीवार गिरने से दो आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है। तमाम रास्ते भी अवरुद्ध हैं। इधर आपदा कंट्रोल रूम का 1077 के अलावा दो अन्य नंबर आधी रात से डेड पड़े हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शेलेश कुमार के मोबाइल पर कॉल रिसीव नहीं हो रही है। जिससे आपदा प्रबंधन की सतही तैयारियों की पोल खुल गई है।

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Edited By: Skand Shukla