प्रकाश जोशी, लालकुआं : Indira Hridyesh Political Story : कांग्रेस की दिवंगत नेता इंदिरा ह्दयेश ने संगठन के लिए हमेशा से संकट मोचन की भूमिका निभाई। राजनैतिक समझ व चतुराई के चलते ही वर्ष 2012 बहुगुणा सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरकार को बहुमत में लाने के लिए इंदिरा ने लालकुआं विधानसभा से निर्दलीय रूप से जीते हरीश चंद्र दुर्गापाल को रातों रात हैलीकॉप्टर से दिल्ली ले जाकर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी से मिलवाया। जिसके बाद ही कांग्रेस की सरकार बन पाई।

उत्तराखंड में वर्ष 2012 में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32 व भाजपा को 31 सीटों पर विजय हासिल हुई। जबकि बसपा से तीन, यूकेडी से एक व निर्दलीय रूप से तीन प्रत्याशियों ने विजय श्री हासिल की। सरकार बनाने के लिए निर्दलियों के साथ ही बसपा व यूकेडी विधायकों के समर्थन की अत्यंत आवश्यकता दी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस व भाजपा के कई बडे़ नेता कुमाऊं मंडल से एकमात्र लालकुआं विधानसभा से निर्दलीय जीते हरीश चंद्र दुर्गापाल से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।

लेकिन किसी को भनक लगे बिना ही इंदिरा ह्दयेश ने ना केवल दुर्गापाल को कांग्रेस को समर्थन देने के लिए मना लिया बल्कि रातों रात उन्हें लेकर सोनिया दरबार में पहुंचाया। इसके अलावा गढ़वाल मंडल से जीते बसपा, यूकेडी व निर्दलीय विधायकों को भी दूरभाष पर कांग्रेस को समर्थन देने का निवेदन करने के साथ सरकार में उचित स्थान दिलाने का भरोसा दिया। उनके इन अथक प्रयासों के चलते राज्य में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बन गई। जिसके बाद फरवरी 2014 में बनी हरीश रावत सरकार को बनाने में भी उनका विशेष योगदान रहा है।

राष्ट्रपति शासन के दौरान निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

27 मार्च 2016 को उत्तराखंड में राष्टपति शासन लग गया। उस समय संसदीय कार्य मंत्री रही इंदिरा ह़दयेश ने अपने स्तर से हाई कोर्ट में पैरवी कर सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण है कि मात्र 26 दिन में यानि 21 अप्रेल को हाई कोर्ट ने राज्य से राष्टपति शासन को हटा दिया। और कांग्रेस की सरकार बहाल हो गई।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Skand Shukla