उत्तराखंड के चर्चित नमो भवन के नए डिजाइन में कटौती: एक मंजिल कम, पार्किंग में 150 गाड़ियां घटीं
नमो भवन परियोजना के डिजाइन में बदलाव किया गया है, जिससे इसकी लागत 397 करोड़ से घटकर 318 करोड़ हो गई है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
गोबिंद बिष्ट, हल्द्वानी । चर्चित नमो भवन प्रोजेक्ट के डिजाइन में अहम बदलाव के बाद फाइल शासन स्तर की हाई पावर कमेटी के पास पहुंच चुकी है। पूर्व में लागत ज्यादा होने के कारण बहुद्देश्यीय भवन की एक मंजिल संग 150 गाड़ियों की पार्किंग को भी कम किया गया है।
पुरानी डीपीआर 397 करोड़ की थी। डिजाइन में संशोधन के बाद लागत घटकर 318 करोड़ हो चुकी है। यूयूएसडीए प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह के अनुसार उच्च समिति की संस्तृति के एक माह के अंदर दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नमो भवन
दिसंबर 2021 में हल्द्वानी में आयोजित रैली के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने हल्द्वानी के विकास के लिए दो हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा की थी। बाद में बजट 2200 करोड़ पहुंच गया। नए वार्डों में सीवर-पानी की लाइनों का जाल, कालाढूंगी-नैनीताल रोड के चौड़ीकरण, सुंदरीकरण, यूटिलिटी डक्ट सिस्टम से लेकर मुख्य मार्ग पर ड्रेनेज सिस्टम भी इस परियोजना का हिस्सा है।
इसके अलावा मौजूदा तहसील परिसर, बगल का गोविंद बल्लभ पंत पुस्तकालय संग बस अड्डे के ध्वस्तीकरण के बाद एक बहुद्देश्यीय भवन के निर्माण को भी पैकेज में शामिल किया गया।
प्रस्तावित भवन का नाम नमो भवन रखा गया है। बहुद्देश्यीय भवन का उद्देश्य शहर के मुख्य सरकारी दफ्तरों को एक परिसर में लाना था, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। यूयूएसडीए के अनुसार पुराने डिजाइन में सात मंजिला बिल्डिंग के साथ ही 650 वाहनों की क्षमता वाली तीन बेसमेंट का निर्माण शामिल था।
प्रोजेक्ट की लागत 397 करोड़ पहुंचने पर फरवरी 2026 में फंडिंग एजेंसी एशियन डेवलेपमेंट ने बजट को ज्यादा बताते हुए नए सिरे से प्रस्ताव बनाने को कहा था। मामले को लेकर यूयूएसडीए प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह से पूछने पर उनका कहना था कि पहले तीन बेसमेंट थी, जिसमें 650 वाहन पार्क हो सकते थे।
अब पार्किंग बेसमेंट होंगे, जहां 500 वाहन खड़े हो जाएंगे, जबकि सात मंजिला इमारत को अब छह कर दिया गया है। तकनीकी विश्लेषण समिति ने संशोधित प्रस्ताव को पास कर दिया है। हाई पावर कमेटी के निर्णय के बाद टेंडर की तरफ बढ़ेंगे।
डीएम-कमिश्नर का तीसरा दफ्तर खुलेगा
तहसील, रजिस्ट्री दफ्तर, कोषागार, एसडीएम-सिटी मजिस्ट्रेट, प्राधिकरण कार्यालय, पुस्तकालय, सभागार, अधिवक्ता चैंबर, प्रेस क्लब होगा। बदहाल पड़े रोडवेज स्टेशन को तोड़ एक बार में 18 गाड़ियां खड़ी होने लायक आधुनिक स्टेशन बनेगा।
एडीबी के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसें खरीदने को बजट मिलना है। इसलिए ई-चार्जिंग स्टेशन भी नजर आएगा। वहीं, डीएम-कमिश्नर का कैंप कार्यालय भी होगा। इससे पूर्व नैनीताल में कमिश्नरी-जिला मुख्यालय के साथ ही हल्द्वानी में कैंप कार्यालय पहले से हैं। यानी दो उच्च अधिकारियों से जुड़ा जिले में यह तीसरा दफ्तर होगा।
एक मंजिल घटने से दिक्कत नहीं आएगी
एक मंजिल कम होने की स्थिति में किन विभागों के दफ्तर को नमो भवन में शिफ्टिंग में दिक्कत आएगी? सवाल को लेकर यूयूएसडीए का कहना है कि पुराने डिजाइन में एक फ्लोर अतिरिक्त रखा गया था, ताकि भविष्य में इस्तेमाल हो सके। पहले से तय दफ्तरों के लिए जगह की कम नहीं होगी।
