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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nainital आने वाले पर्यटकों के लिए दो नए टूरिस्‍ट प्‍लेस तैयार, नए साल में जरूर करें यहां की सैर

Published: Sun, 22 Dec 2024 04:06 PM (IST)

Nainital Tourist Place नैनीताल के आसपास के नए पर्यटन स्थलों को सरकार ने शीतकालीन पर्यटन के लिए विकसित किया है। ...और पढ़ें

Nainital Tourist Place: नैनीताल के किलबरी और पंगोट में खुले शीतकालीन पर्यटन के द्वार. Jagran
Nainital Tourist Place: नैनीताल के किलबरी और पंगोट में खुले शीतकालीन पर्यटन के द्वार. Jagran

HighLights

  1. नए स्थल विकसित होने के बाद सरकार ने भी पर्यटकों को दिया शीतकाल का आमंत्रण
  2. मुख्यमंत्री ने अपलोड की वीडियो, प्रकृति के सुंदर नजारों के साथ दिखेगा विराट हिमालय

किशोर जोशी, जागरण  नैनीताल। Nainital Tourist Place: अंग्रेजों का बसाया शहर नैनीताल देश-दुनिया में मशहूर है। झील है, पहाड़ हैं और प्रकृति का अप्रतिम सौंदर्य। इस शहर पर पर्यटन का दबाव इसीलिए ज्यादा है। अब इसके आसपास नए पर्यटन स्थल विकसित होने लगे हैं। इसीलिए सरकार ने नैनीताल के साथ नए स्थलों में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है।

शहर से छह किमी दूर हिमालय दर्शन से आगे प्रकृति की खूबसूरती, पक्षियों की चहचहाहट, सूर्यास्त का दिलकश नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है। नयना देवी बर्ड रिजर्व क्षेत्र में पंगोट, किलबरी, घुग्घुखान, च्यूरानी, सौड़-बगड़ ऐसे स्थल हैं, जहां पर्यटन गतिविधियों ने पिछले तीन साल में काफी विस्तार लिया है।

आने वाले पर्यटन कारोबार पकड़ेगा रफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर इन स्थानों का वीडियो जारी कर पर्यटकों को शीतकालीन पर्यटन यात्रा का प्रोग्राम तय करने और प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने के लिए आमंत्रित किया है।

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सरकार की इस पहल के बाद उम्मीद की जा रही है कि नैनीताल के अलावा आसपास के नए विकसित स्थलों का पर्यटन कारोबार भी आने वाले दिनों में और रफ्तार पकड़ेगा।

यह है खासियत

  • किलबरी-पंगोट, घुग्घुखान, सौडृ-बगड़ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां घने जंगलों के बीच जब सूरज की किरणें पड़ती हैं तो नजारा पर्यटकों के लिए यादगार बन जाता है।
  • सूर्यास्त इन स्थानों से बेहतरीन लगता है।
  • 350 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी जंगलों में है।
  • ट्रेकिंग रूट होने से पर्यटक आसानी से इसका भी आनंद ले सकते हैं।
  • कैंपिंग की व्यवस्था है।
  • शहरों की धुंध से दूर हिमालय की चोटियां शीतकाल में दमकती नजर आती हैं।
  • इन क्षेत्रों में होटल-रिसार्ट, होम स्टे की संख्या 70 से अधिक पहुंच गई है।
  • रिसार्ट संचालक मनोज नेगी के अनुसार पर्यटन सीजन में अप्रैल से जून तक तथा क्रिसमस से नए साल तक रोजाना करीब एक हजार से अधिक पर्यटन इन स्थलों में पहुंचते हैं।

50 प्रतिशत एडवांस बुकिंग

2024 की विदाई व 2025 के स्वागत के लिए किलबरी-पंगोट क्षेत्र के होटल-रिसार्ट व होम स्टे में पर्यटकों की एडवांस बुकिंग में तेजी आई है। क्षेत्र में कैंप साइट पर्यटन बढ़ रहा है।

पंगोट होटल-रिसार्ट, रेस्टोरेंट एंड कैंप एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल के अनुसार अब तक क्रिसमस-नए साल के लिए 50 प्रतिशत के आसपास एडवांस बुकिंग हो चुकी है। शीतकालीन पर्यटन बढ़ाने के सरकार के प्रयासों से आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी।

ईको पर्यटन को मिला बढ़ावा

पंगोट क्षेत्र के गेस्ट हाउस संचालक भूपेश मेहरा के अनुसार किलबरी-पंगोट में ईको-पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। प्राकृतिक नजारों के साथ ही लकड़ी निर्मित होम स्टे, गेस्ट हाउस तथा कैंप साइट को लेकर पर्यटकों की अधिक डिमांड रहती है। नए साल में भी यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

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