नैनीताल, नरेश कुमार : Nainital lake News : गर्मी बढऩे के साथ ही नैनी झील का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस साल झील के जलस्तर में पांच फीट की गिरावट दर्ज की गई है। शीतकाल में औसत से कम हुई बारिश और नाममात्र की बर्फबारी के कारण प्राकृतिक जलस्रोत रिचार्ज नहीं होना इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। झील में जिस तरह से पानी कम हो रहा है उससे यह आशंका बढ़ती जा रही है कि कहीं स्थिति 2016 जैसी न हो जाए, जब जलस्तर शून्य से नीचे पहुंच गया था। 

नैनी झील यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की तो पहली पसंद है ही, शहर की पेयजल आपूर्ति का भी मुख्यस्रोत है, मगर बीते कुछ वर्षों से गर्मियों में इसके जलस्तर में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बरसात में सामान्य से 11 फीट अधिक रहने वाला पानी गर्मी जाते जाते सामान्य से नीचे पहुंच जाता है। इस साल बरसात के बाद से ही बादल कम ही मेहरबान रहे, जिससे औसत से कम बारिश देखने को मिली। 

वहीं झील और प्राकृतिक जलस्रोतों को जीवंत करने के लिए जरूरी मानी जाने वाली बर्फबारी तो नाममात्र की देखने को मिली, जिसका सीधा असर गर्मी की शुरुआत में ही देखने को मिल रहा है। इस समय पांच फीट की गिरावट के साथ झील में पानी का स्तर 1.5 फीट है। हालांकि यह सामान्य से 1.5 फीट ऊपर है, मगर जिस तरह से गर्मी और जंगल की आग से तापमान बढ़ रहा है, उससे पर्यावरण व जल संरक्षण में लगे लोग आश्ंाका जता रहे हैं कि अगर ऐसे ही पानी कम होता रहा तो 2016 जैसी स्थिति आने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे। उस समय झील का जलस्तर -4.6 फीट था। 

साढ़े 24 मीटर को माना जाता है शून्य

झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि झील की औसत गहराई करीब 27 मीटर है। वहीं झील में जब पानी का लेवल साढ़े 24 फीट पहुंच जाता है तो इसे झील का सामान्य अथवा शून्य स्तर माना जाता है। जलस्तर इससे नीचे गिरने पर माइनस और ऊपर रहने पर प्लस में गिना जाता है।  

50 एमएम बारिश व सात एमएम बर्फ से कैसे रिचार्ज होती झील

बीते वर्ष औसत से अधिक बारिश और आधा दर्जन से अधिक बार हुई बर्फबारी प्राकृतिक जलस्रोतों व झील के लिए भी वरदान साबित हुई थी। बीते वर्ष जनवरी से छह अप्रैल के दिन तक 246 एमएम बारिश और करीब 68 एमएम बर्फबारी रिकार्ड की गई थी, जबकि इस साल जनवरी से अब तक महज 50 एमएम बारिश व सात एमएम बर्फबारी रिकार्ड हुई है। 

बीते पांच सालों में अप्रैल में ये था झील का सर्वाधिक जलस्तर

2016      -4.6

2017      -5.5

2018      0.3

2019      3.0

2020      6.5

2021      1.5 

 

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