विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नैनीताल में झील किनारे नौका मरम्मत से Naini Lake में फैला तेल, सरकारी महकमे में हड़कंप

Published: Sat, 09 May 2026 07:40 AM (IST)

नैनीताल झील किनारे नौका मरम्मत से तेल फैलने पर पालिका ने सख्त कार्रवाई की है। अब नौका संचालकों को झील ...और पढ़ें

पालिका ने नौका संचालकों को दी सख्त हिदायत। जागरण

पालिका ने नौका संचालकों को दी सख्त हिदायत। जागरण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर की नौका मरम्मत के दौरान झील किनारे गिरने के बाद फैले तेल का वीडियो प्रसारित होने से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।

पालिका ने आनन फानन में झील किनारे मरम्मत करवाई जा रही नौकाओं को हटा दिया है। पालिका की सख्ती के बाद अब नौका संचालक झील के दूर नौकाओं पर रंगरोगन व मरम्मत कर रहे हैं।

झील में जा गिरा थिनर 

दरअसल पर्यटन सीजन से पहले नौका संचालक नौकाओं की तख्तियां बदलने के साथ ही वानिश आदि लगाकर उसे चकाचक व आकर्षक बनाते हैं। उसमें तुन की लकड़ी, तांबे की कील लगाने के बाद पेंट को थिनर मिलाकर पतला कर लगाते हैं। हाल ही में अपर माल रोड के ट्रीटमेंट वाले क्षेत्र में झील किनारे नौका संचालकों ने नाव की मरम्मत की तो वानिश में मिलाया गया थिनर झील में जा गिरा, जो फैल गया तो किसी ने इसका वीडियो बनाकर प्रसारित कर दिया।

जिसके बाद पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने नौका संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए नौकाओं को वहां से हटा दिया। ईओ ने बताया कि नौका संचालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी ने झील के नजदीक नौका मरम्मत की तो कार्रवाई की जाएगी, इसमें लाइसेंस निरस्त करना भी शामिल है।

माल रोड ट्रीटमेंट कार्य में तेल का उपयोग नहीं

नैनीताल: लोनिवि की ओर से लोअर माल रोड का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इसके तहत पाइलिंग की जा रही है। जिसकी मशीन है, लेकिन डीजल टैंक में ही रहता है।

ट्रीटमेंट कर रही कंपनी के इंजीनियर आशीष के अनुसार ट्रीटमेंट कार्य में तेल गिरने का सवाल ही नहीं है। लोनिवि अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि वीडियो प्रसारित होने के बाद उन्होंने इंजीनियरों को मौके पर भेजा था, जिसके बाद पालिका के ईओ को जानकारी दी तो नौकाओं को हटा दिया गया।

झील किनारे ट्यूबवैल के पानी की होती है सप्लाई

नैनीताल: शहर में पेयजल की सप्लाई झील किनारे के नौ, मुख्य पंप हाउस में एक तथा सूखाताल में चार ट्यूबवैल लगाए गए हैं। शहर में झील के पानी की नहीं, बल्कि भूजल की सप्लाई होती है। जो फिल्टर होने के बाद उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रमेश गर्ब्याल के अनुसार ट्यूब वैल से निकाला गया पानी प्रयोगशाला की जांच में बोतल बंद पानी से भी बेहतर साबित हुआ है।

झील किनारे नौका में पेंट करने पर दो नौका संचालकों का तीन-तीन हजार का चालान किया गया है। पालिका के साथ ही नौका संचालक भी झील सफाई को लेकर गंभीर हैं। झील में किसी ने भी तेल नहीं गिराया है। सूचना मिलने के बाद पालिका कर्मियों को भी भेजा गया था और झील किनारे नौका मरम्मत करने वालों को हटा दिया गया। - रोहिताश शर्मा, ईओ नगरपालिका

यह भी पढ़ें- बारिश से सुधरी नैनीताल झील की सेहत, 80 फीट पहुंचा वॉटर लेवल