जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : छात्र-छात्राओं के जीवन में सामाजिक व भावनात्मक मूल्यों का संप्रेषण करने के उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा विभाग ने नवाचारी पहल की है। आनंदम् पाठ्य चर्चा नाम की नवाचारी मुहिम बाल मन को तनाव, अवसाद व भय से दूर करने का काम करेगी। आनलाइन माध्यम से पहले शिक्षकों व फिर छात्र-छात्राओं के साथ आनंदम् पर चर्चा होगी। कक्षा एक से आठवीं के बच्चे मुहिम का हिस्सा होंगे।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कार्यक्रम की रूपरेखा जिलों को भेजी है। अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक सीमा जौनसारी ने कहा है कि आनंदम् पाठ्य चर्चा दो मई से 21 मई तक चलेगी। पहले चरण में कक्षा छह से आठवीं के विद्यार्थियों को आनलाइन माध्यम से संबंधित विषय पर शिक्षित किया जाएगा।

इससे पहले 30 अप्रैल को कक्षा छह, सात व आठ के शिक्षकों की एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला होगी। जिसमें शिक्षकों को आनंदम् पाठ्य चर्चा के उद्देश्य व कार्य करने की तकनीक पर जानकारी दी जाएगी। इसके बाद दो से सात मई तक कक्षा छह, नौ से 14 मई तक कक्षा सात, 17 से 21 मई तक कक्षा आठ के विद्यार्थियों को पहले वादन में प्रशिक्षित किया जाएगा। वर्चुअल लैब वाले विद्यालय आनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन केंद्रों को इसके बाहर रखा गया है।

बैंक खाते पीएफएमएस करने में नैनीताल, यूएसनगर पिछड़े

राष्ट्रीय लेखा प्रणाली के तहत विभागीय खातों को सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन (पीएफएमएस) पोर्टल पर ले जाना है। नैनीताल जिले में पीएम पोषण योजना के 10 प्रतिशत खाते अभी तक पीएफएमएस पोर्टल पर नहीं आ पाए हैं। राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने जिला शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि नैनीताल जिले में 1395 स्कूलों के सापेक्ष 1263 खाते पीएफएमएस से जुड़ पाए हैं।

बार-बार आग्रह करने के बाद भी पूर्ण खाते नहीं जुडऩा गंभीर लापरवाही है। नैनीताल के 132, ऊधम सिंह नगर के 69 खातों को 30 अप्रैल तक पीएफएमएस करने के निर्देश दिए हैं।

Edited By: Prashant Mishra