जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : आय अर्जित करने के लिए नगर निगम ने एक और कदम बढ़ाया है। सितंबर 2018 में नगर निगम का हिस्सा बन गए नव सम्मिलित क्षेत्र से पहली बार नगर निगम को आमदनी होगी।

नए क्षेत्र से तहबाजारी वसूलने के लिए निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मार्च 2024 तक तहबाजारी से 46 लाख रुपये प्राप्त होंगे। 37 लाख रुपये निगम की आय होगी, जबकि नौ लाख जीएसटी के रूप में सरकार को जाएगा।

प्रदेश सरकार ने निकायों के नव सम्मिलित क्षेत्रों को 2028 तक भवन व स्वच्छता कर के दायरे से बाहर रहा है। हल्द्वानी नगर निगम ने व्यापारिक गतिविधियों से आय अर्जित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

सोमवार को नए क्षेत्रों के लिए तहबाजारी वसूली की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई। 39 लाख रुपये में 37 लाख रुपये निगम को देने की दर तय करने वाली फर्म के नाम टेंडर खुला।

18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त देना होगा। सहायक नगर आयुक्त गौरव भसीन ने बताया कि तहबाजारी आने से निगम की आय बढ़ेगी। हाट बाजार व ट्रेड लाइसेंस से निगम को पहले ही आय होने लगी है।

रोज वसूल होती है तहबाजारी

नगर निगम के सर्वे के मुताबिक नए क्षेत्र में 500 ठेला व 50 फड़ संचालक हैं। ठेला संचालकों ने तहबाजारी के रूप में 15 रुपये व फड़ वालों से 25 रुपये धनराशि वसूल होती है। पुराने क्षेत्र में निगम के कर्मचारी खुद तहबाजारी वसूल करते हैं। तहबाजारी को प्रतिदिन वसूल करने का प्रविधान है।

Edited By: Skand Shukla

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