मनीस पांडेय, हल्द्वानी। बेसहारा तीन बच्चों को कुछ दिनों का आश्रय देने के लिए घर लाई बबली ने उन्हें अपनी संतान का दर्जा दिया। वर्तमान में वह पांच बच्चों की मां हैं और सभी के शिक्षा के लिए दिन-रात प्रयास में लगी हुई हैं। काठगोदाम नई बस्ती निवासी बबली वर्मा सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ ही मां की जिम्मेदारी निभा रही हैं। करीब 13 वर्ष पहले 2008 में रानीबाग से बेसहारा तीन बच्चों को घर ले आई। जबकि एक बेटा व बेटी पहले से ही थे। ऐसे में पांच बच्चों की सेवा, शिक्षा, संस्कार के लिए वह लगातार कार्य कर रही हैं।

बबली ने बताया कि उनका बड़ा बेटा एकांश 28 वर्ष का है और नोयडा में वेब डिजायनिंग का कार्य कर रहा है। 27 वर्षीय बेटी एकांशी ने परास्नातक की शिक्षा पूरी कर ली है। जबकि गोद लिए गए बच्चों में से सबसे बड़ी 17 वर्षीय सोनी हाईस्कूल में, 14 वर्षीय बेटा राहुल नौंवी तथा सबसे छोटी 13 वर्षीय मोनी छठी कक्षा की छात्रा है।

बबली ने बताया कि वह बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती हैं। ऐसे में सभी का अच्छे विद्यालयों में प्रवेश के साथ ही कोचिंग का भी प्रबंध कर रखा है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए वह पति जय प्रकाश वर्मा के साथ दिन-रात मेहनत कर रही हैं। बबली ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के अच्छे अंक आने पर शिक्षक प्रशंसा करते हैं तो अपने फैसले पर खुशी होती है।

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Edited By: Prashant Mishra