जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Uttarakhand Weather Update : दक्षिणी पश्चिमी मानसून ने समूचे उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रिमझिम बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शहर के तापमान में अगले तीन दिनों पर हल्की बारिश होगी। इस बार मानसून सामान्य से नौ दिन देरी से पहुंचा। नैनीतल में बािरश से रानीबाग एचएमटी मार्ग बंद है। वहीं पिथौरागढ़ में करीब एक दर्जन सड़कें बंद हैं।

बारिश के चलते बुधवार को हल्द्वानी के तापमान में चार डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तराखंड में मानसून आने का सामान्य समय 20 जून है। इस बार शुरुआत में मानसून सक्रियता को देखकर अनुमान जताया जा रहा था कि 15 जून के आसपास उत्तराखंड में इसकी एंट्री हो जाएगी। परंतु 31 मई से नौ जून तक मानसून कर्नाटक में ही अटका रहा। इसके बाद ओडिशा के तट पर मानसून 10 जून तक पहुंचा। जो अब उत्तराखंड में पहुंच गया है।

मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक इस मानसून काल में उत्तराखंड में सामान्य वर्षा होने का अनुमान है। अगले तीन दिन अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है। जबकि कुछ जगहों पर भारी वर्षा हाे सकती है।

पिछले 12 वर्षों में इस दिन पहुंचा मानसून

वर्ष     तारीख

2010 17 जुलाई

2011 13 जुलाई

2012 08 जुलाई

2013 23 जून

2014 14 जुलाई

2015 19 जून

2016 16 जून

2017 28 जून

2018 28 जून

2019 03 जुलाई

2020 03 जुलाई

2021 13 जून

पर्वतीय जिलों में खूब बरसे मेघ

मानसून के आगमन के साथ पर्वतीय जिलों में खूब वर्षा हुई। नैनीताल जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ते पारे में खासी गिरावट देखने को मिली। वहीं, दूसरी ओर सड़कों पर भूस्खलन भी काफी अधिक बढ़ गया है। इसके अलावा मुक्तेश्वर में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। जिससे लोगों को सुबह और शाम के समय ठिठुरन का अहसास भी होने लग गया है।

तापमान डिग्री सेल्सियस में

स्टेशन अधिकतम न्यूनतम

हल्द्वानी     32        26.2

मुक्तेश्वर    24.2     16.5

नैनीताल     22.2      15.8

खटीमा       34         27

पिथौरागढ़   26.5      20

धौलीगंगा परियोजना का पानी छोड़ा

पिथौरागढ़ जिले में धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के बांध का पानी सुबह छोड़ा गया है। जिससे काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। काली नदी का जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान के करीब है और आज पानी छोड़े जाने से जलस्तर काफी अधिक बढ़ने से काली नदी किनारे तवाघाट से पंचेश्वर तक नदी किनारे रहने वालों को सजग किया गया है। नेपाल सीमा पर स्थित पुलिस थानों, सिंचाई विभाग को नदी के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। सुबह पांच बजे से शाम आठ बजे तक विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

Edited By: Skand Shukla