जागरण संवाददाता, नैनीताल : मानसून शुरू होते ही शहर में भूस्खलन के मामले भी सामने आने लगे है। बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद ठंडी रोड में पाषाण देवी मंदिर के समीप की पहाड़ी में फिर भूस्खलन हो गया। जिसमें पहाड़ी की रोकथाम को किया गया शार्ट टर्म ट्रीटमेंट भी ध्वस्त हो गया।

ठंडी पहाड़ी से रुक रुक कर बोल्डर गिर रहे हैं। जिससे मार्ग से आवाजाही कर रहे लोगों के लिए भी खतरा बना हुआ है। पहाड़ी के स्थाई ट्रीटमेंट को लेकर विभाग को बजट का इंतजार है। डीएम ने आदेश जारी कर सड़क में आवाजाही रोकने के निर्देश दिए है।

बीते वर्ष अगस्त में ठंडी रोड क्षेत्र में पाषाण देवी मंदिर के समीप पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ था। इस दौरान भारी मलबा और पत्थर नैनी झील में समा गए थे। साथ ही ठंडी सड़क पर लोगों का आवागमन भी बाधित हो गया था। लोनिवि ने पहाड़ी का शॉर्ट टर्म ट्रीटमेंट शुरू किया था।

अक्टूबर में आई आपदा में पहाड़ी पर फिर दोबारा भारी भूस्खलन हुआ। जिस कारण पहाड़ी के ऊपर स्थित केपी हॉस्टल भवन भी खतरे की जद में आ गया था। पहाड़ी का शॉर्ट टर्म ट्रीटमेंट करने के साथ ही लॉग टर्म ट्रीटमेंट के लिए सिंचाई विभाग ने स्टीमेट बनाया। बजट में उपलब्ध नहीं होने के कारण ट्रीटमेंट शुरू नहीं हो।

बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश के दौरान पहाड़ी पर एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। जिसमें भारी मात्रा में बोल्डर नैनी झील में समा गए। साथ ही पहाड़ी की रोकथाम को किया गया शॉर्ट टर्म ट्रीटमेंट भी ध्वस्त हो गया। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थर ठंडी रोड क्षेत्र से आवाजाही कर रहे लोगों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस चौहान ने बताया कि पहाड़ी के स्थाई ट्रीटमेंट के लिए करीब 6.5 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। फिलहाल बजट नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ईधर डीएम ने मार्ग में दुर्घटना की संभावना को देखते हुए लोगों की आवाजाही रोकने के लिए आदेश जारी किया है। जिसके बाद सिंचाई विभाग बेरिकेटिंग करने की तैयारी कर रहा है।

Edited By: Skand Shukla