बागेश्वर, जागरण संवाददाता : बागेश्वर में भारी बारिश के कारण अधिकतर पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं। जिस कारण गांव से लेकर नगर क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। जलसंस्थान ने जखेड़ा पेयजल योजना की मरम्मत अभी तक शुरू ही नहीं की है। जिसके कारण नगर के बीस हजार से अधिक उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल पा रहा है।

कठायतबाड़ा क्षेत्र में छठे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी है। लोग बारिश का पानी एकत्र कर उसे प्रयोग में ला रहे हैं। जिससे बीमारियों का भय बना हुआ है। इसके अलावा टैंकर के जरिए सड़क किनारे ही पानी बंट रहा है। ऊंचाई वाले भू-भाग में रहने वाले लोग परेशान हैं। यहां कोई जलस्रोत भी नहीं हैं। जलसंस्थान ने टैंकर तो खरीद लिए, लेकिन वितरण के लिए उसके पास पाइप नहीं हैं।

नगर की भौगोलिक स्थिति के अनुसार बिना पाइप के पानी का वितरण नहीं हो सकता है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन ने पूर्व में आपदा को लेकर कई बैठकों का आयोजन किया। लेकिन प्रकृति के सामने वह सभी तैयारियां बौनी साबित हो गई हैं। ठाकुरद्वारा, कठायतबाड़ा आदि क्षेत्रों के लोगों ने पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं होने पर बिल जमा नहीं करने की चेतावनी दी है। यदि उन पर दवाब बनाया गया तो वह उपभोक्ता फोरम की शरण में जाएंगे।

जिलाधिकारी, बागेश्वर विनीत कुमार ने बताया कि जलसंस्थान को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पूर्व में निर्देशित किया गया है। टैंकरों से पानी का वितरण किया जा रहा है। पेयजल लाइनों की भी मरम्मत शुरू कर दी गई है।

खरेही में पेयजल संकट गहराया

खरेही, धूराफाट के गांवों में भी पेयजल संकट गहरा गया है। सरयू नदी में सिल्ट आने से पंपिंग योजना नहीं चल पा रही है। जिसके कारण जोशीगांव, खांकर के अलावा धूराफाट के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जबकि कपकोट और दुग नाकुरी मे बारिश के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन का सुचारू करने का काम चल रहा है।

Edited By: Skand Shukla