हल्द्वानी, जेएनएन : गौला में माल की कमी के चलते सात दिन बाद गेट बंद हो जाएंगे। इसके सात निकासी गेट पहले ही बंद हो चुके हैं। गौला के इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है कि 31 मई से पहले नदी को बंद करना पड़ा हो। बरसात की कमी से गौला में उपखनिज संकट लगातार बढ़ रहा है। सर्वे के बाद टीम ने साढ़े 34 लाख घनमीटर माल निकालने को कहा। रिपोर्ट में इंदिरानगर, आंवला चौकी समेत सात गेटों की हालत सबसे खराब बताई गई। इस वजह से इन गेटों को तीन हफ्ते पहले बंद कर दिया गया। सिर्फ शीशमहल, राजपुरा, लालकुआं व शांतिपुरी गेट से अभी माल निकल रहा है।

इसके अलावा निजी कंपनी को सौंपा गए स्टेडियम गेट से भी उपखनिज निकल रहा है। डीएलएम केएन भारती ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य सात दिन के अंदर पूरा होने की पूरी संभावना है। लिहाजा उसके बाद गौला का संचालन बंद कर दिया जाएगा। अगले साल बारिश का आंकलन कर ही नदी का भविष्य तय होगा।

कॉरीडोर पर फैसला नहीं

गौला से कम राजस्व मिलने पर नजर हाथी कॉरीडोर पर अटकी हुई है। वन विभाग व वन निगम के अफसरों ने दून से पहुंचकर इसका सर्वे भी किया था। यहां तीन लाख घनमीटर माल पड़ा है। हालांकि अभी तक कॉरीडोर को लेकर अफसर फैसला नहीं ले सके।

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Posted By: Skand Shukla

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