काशीपुर (ऊधमसिंहनगर) जेएनएन : आरटीआइ में खुलासा हुआ कि काशीपुर क्षेत्र में बिना नवीनीकरण और फॉर्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन 14 वर्षों में औषधि निरीक्षक द्वारा इन मेडिकल स्टोर स्वामियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर आरटीआइ कार्यकर्ता ने छह बिंदुओं की मांगी गई सूचना के आधार पर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने डीएम व सीएमओ ऊधमसिंह नगर को नोटिस जारी कर तलब किया है। साथ ही नोटिस रिसीव होने के चार सप्ताह के अंदर एक अक्टूबर 2019 तक स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया है।

कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मिस्सरवाला निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता आसिम अजहर ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों के संबंध में छह बिंदुओं पर 31 जुलाई 2019 को शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि काशीपुर क्षेत्र के अंतर्गत 590 मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। 232 मेडिकल स्टोर स्वामियों द्वारा मेडिकल स्टोरों का नवीनीकरण ही नहीं कराया गया। इसमें ऐसे भी हैं जिन्होंने वर्ष 2001 के बाद से ही नवीनीकरण नहीं कराया। पंजीकृत मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट ही नहीं बैठते। फार्मासिस्ट के प्रमाण पत्र को मेडिकल स्वामी मेडिकल स्टोर में लगाकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे भी मेडिकल स्टोर हैं। जिस व्यक्ति के नाम पर मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। वह वहां बैठते ही नहीं हैं। कम पढ़े लिखे व्यक्ति मेडिकल स्टोर संचालित कर रहे हैं, जो चिकित्सक के पर्चे के अलावा खुद भी दवाएं दे रहे हैं। पंजीकृत मेडिकल स्टोरों पर भी प्रतिबंधित दवाएं खुलेआम बेची जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 14 वर्षों में एक भी लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। आदि बिंदुओं पर की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य अखिलेश चंद्र शर्मा ने डीएम व सीएमओ को शिकायत का स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है।

Posted By: Skand Shukla

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