जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के उपनलकर्मियों को मनाने के लिए तमाम कोशिशें हो रही हैं। शासन से लेकर प्रशासन सख्ती पर आ चुका है। गुरुवार को राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. अरुण जोशी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के काम की तारीफ की। हड़ताल खत्म करने की अपील भी की और नहीं मानने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। शाम को प्राचार्य ने अंतिम चेतावनी का हवाला देकर २९ अक्टूबर से ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

डा. सुशीला तिवारी अस्पताल के उपनल कर्मचारियों की हड़ताल की वजह अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सबसे बड़ी दिक्कत सफाई की है। वैकल्पिक व्यवस्था भी फेल हो गई है। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। ५७ दिन से चल रही हड़ताल को खत्म करने को लेकर शासन से लेकर प्रशासन सख्ती बरतने को तैयार है। डीएम ने नोटिस भी जारी किया है। इसके चलते गुरुवार को प्राचार्य धरनास्थल ही पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आपके बिना अस्पताल चलाना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने तत्काल काम पर लौटने का अपील भी की। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को हमारी मांगों पर विचार करना होगा।

हमारी नियमित करने या फिर समान कार्य समान वेतन की मांग है। इसलिए मांग पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद प्राचार्य ने कहा कि शासन के निर्देश पर अब कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ेगा। शाम को प्राचार्य ने कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि सभी उपनल कर्मचारियों को २९ अक्टूबर से काम पर लौटने को कहा गया है। इसके बाद शासन के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान कर्मियों में पीएस बोरा, मोहन रावत, नेत्रपाल, सुशील कुमार, अजय, राजेश कुमार, सोनू, कविता मनराल, राजेंद्र सिंह राणा, संजय पांडे, दीपिका नेगी, मोनिका, वैजयंती आदि शामिल रहे।

Edited By: Prashant Mishra