जागरण संवाददाता, मानिला (अल्मोड़ा) : सल्ट उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में जबर्दस्त असंतोष फैल गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गुटबाजी को पराजय का प्रमुख कारण करार देते हुए न्याय पंचायत क्वैराला को भंग कर दिया गया है। ब्लॉक व मंडल स्तर के तमाम पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए हैं। इसके पीछे तर्क दिया है कि उच्चस्तर पर आपसी मतभेद उजागर होने से उपचुनाव में रात दिन जुटे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है। इस असंतोष ने साफ कर दिया है कि 2022 में कांग्रेस की राह सल्ट सीट पर और कठिन हो चली है।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर लेकिन उपचुनाव में भारी अंतर से मिली हार ने सल्ट विस क्षेत्र के कांग्रेसियों को तोड़ कर रख दिया है। न्याय पंचायत क्वैराला में अध्यक्ष आनंद बिष्ट की अगुआई में रविवार को बैठक हुई। इसमें उपचुनाव में मिली करारी हार का मुद्दा छाया रहा। ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तर के पदाधिकारियों ने एकमत होकर सामूहिक इस्तीफे दे दिए। बाद में त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिए गए।

विधानसभा के मीडिया प्रभारी व युवा  ब्लॉक कांग्रेस कमेटी स्याल्दे के अध्यक्ष विजय उनियाल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को भेजे त्यागपत्र में लिखा है कि कांग्रेस में भितरघात, मन व आपसी मतभेद के कारण पार्टी प्रत्याशी की हार हुई। उपचुनाव में पार्टी के अंदर बूथ से लेकर ऊपरी स्तर तक गुटबाजी साफ दिखी। इससे हजारों निष्ठावान कार्यकर्ता आहत हैं। इस्तीफा देने वालों में खीम सिंह मेहता, डा. कुंदन रावत, दिगपाल बोरा, प्रेम सिंह, देवेंद्र बंगारी, जोगा सिंह, पुरुषोत्तम पंत, प्रकाश चंद्र, भवानी राम, किशोर राम, महिपाल सिंह, महेंद्र सतपोला, रमेश सिंह आदि शामिल हैं।

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