गरमपानी (नैनीताल), जेएनएन : मतगणना से पूर्व ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कब्जे में लेने के मामले में अब खाकी ने निगरानी तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने व प्रत्याशियों को कब्जे में लेकर चुनाव प्रभावित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की निर्देश दिए है। साफ कहा है कि अराजकता फैलाने वालों को कतई बख्सा नहीं जाएगा।

बेतालघाट ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख पद पर आसीन होने के लिए प्रभावशाली लोग मतगणना से पूर्व ही जिताऊ प्रत्याशियों को कब्जे में लेने लगे हैं। घंघरेठी क्षेत्र में बीडीसी प्रत्याशी को काफी देर तक वाहन में बैठाए रखने तथा रातीघाट क्षेत्र से एक प्रत्याशी के  कई घंटो तक गायब रहने और फिर रहस्यमय ढंग से वापस आने के बाद अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसके मीणा ने मामला संज्ञान में ले लिया है। साफ कहा है कि चुनाव प्रभावित करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। न्यायालय के आदेशों के पालन में गंभीरता से कार्य होगा।

मतगणना से पूर्व प्रत्याशियों को कब्जे में लेने का काम शुरू

ब्लॉक प्रमुख पद कब्जाने के लिए पहले मतगणना होने तथा प्रत्याशियों को जीतने के बाद उनसे बातचीत के बाद अपने पाले में रख लिया जाता था। चुनाव जीतने वाले बीडीसी सदस्य प्रमुख पद पर मतदान के दिन ही नजर आते थे मगर इस बार मतगणना से पूर्व ही प्रत्याशियों को कब्जे में लेने का काम शुरू हो गया है।

 ब्लॉक प्रमुख पद कब्जाने के लिए प्रभावशाली अपना रहे कई हथकंडे

 ब्लॉक प्रमुख पद हथियाने के लिए प्रभावशाली लोग तमाम तरीके के हथकंडे अपनाने लगे हैं। घंघरेठी व  रातीघाट क्षेत्र का मामला सामने आने के बाद अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। चर्चा है कि विभिन्न क्षेत्रों के 12 जिताऊ बीडीसी सदस्य तो मतगणना से पूर्व ही सुरक्षित जगह पहुंचा भी दिए गए हैं ताकि और कोई उनसे संपर्क न कर सके। एसएसपी एसके मीणा ने बताया कि चुनाव प्रभावित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार निगरानी रखी जा रही है। चुनाव आयोग व न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। चुनाव प्रभावित करने वालों को चिह्नित कर मुकदमा दर्ज करेंगे।

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