चम्पावत, जागरण संवाददाता : मंगलवार की रात से लगातार हुई बारिश ने जिले में भारी तबाही मचाई है। लोहाघाट-पिथौरागढ़ एनएच पर भारतोली के पास सड़क का 10 मीटर से अधिक का हिस्सा बह गया। मलबा आने से 22 आंतरिक सड़कें बंद होने से ग्रामीणों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। कई स्थानों पर आवासीय मकानों की दीवारें, छत और घरों की सुरक्षा दीवार टूट गई हैं। पैदल मार्ग भी बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। राहत देने वाली बात है कि कहीं से

मंगलवार की रात आठ बजे करीब लोहाघाट-पिथौरागढ़ एनएच पर भारतोली के पास दस मीटर से अधिक सड़क का हिस्सा भरभराकर गिर गया। दैवयोग से घटना के वक्त आस-पास कोई वाहन मौजूद नहीं था। घटना की जानकारी के बाद प्रशासन, एनएच, ऑलवेदर रोड का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सड़क बहने के बाद पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे पर पिथौरागढ़ से लोहाघाट तक सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। अगले कुछ दिनों तक बड़े वाहनों के लिए सड़क खुलने के आसार नहीं हैं। अलबत्ता एनएच ने छोटे वाहनों के निकलने के लिए देर शाम तक सड़क दुरूस्त करने का आश्वासन दिया है।

आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार घाट से तल्ली बाराकोट तक लगभग नौ जगह भारी मात्रा में मलबा गिरा है। बुधवार की सुबह जिले की 17 आंतरिक सड़कें भी मलबा आने से बंद हो गई हैं। पांच सड़कें पहले से ही बंद चल रही हैं। इसके साथ ही बंद पड़ी ग्रामीण सड़कों की संख्या 22 पहुंच गई है। लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई ने सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। लोहाघाट के एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि एनएच को भारतोली के पास बह गई सड़क को जल्द से जल्द आवागमन के लिए सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं।

इधर चम्पावत-टनकपुर हाईवे पर भी बनलेख, सिन्याड़ी, स्वाला, झालाकुड़ी बैंड आदि स्थानों पर मलबा आने से सुबह 8:30 बजे से 10:50 बजे तक वाहनों का आवागमन ठप रहा। सड़क बंद होने और जगह-जगह गिर रहे मलबे और बोल्डरों से खतरे को देखते हुए टनकपुर में पुलिस ने ककरालीगेट पर बैरियर लगाकर वाहनों को चम्पावत की ओर आने से रोक दिया। सड़क खुलने के बाद यात्रियों को गंतव्य केलिए रवाना किया गया। चम्पावत से लेकर टनकपुर के बीच भी दर्जनों वाहनों में सैकड़ों यात्री फंसे रहे।

जिला जज, डीएम और एसपी भी पहुंचे मौके पर

 भारतोली के पास सड़क बहने की सूचना मिलने के बाद न्यायिक बंदी गृह लोहाघाट आए जिला जज आशीष नैथानी, डीएम विनीत तोमर, एसपी लोकेश्वर सिंह समेत कई अन्य अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क का मुआयना किया। जिला जज ने प्रशासन को सड़क को शीघ्र वाहनों के चलने योग्य बनाने के निर्देश दिए। ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। इस दौरान लोहाघाट के एसडीएम आरसी गौतम, एनएच के ईई एलडी मथेला, थानाध्यक्ष मनीष खत्री, नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सुरक्षा दीवार गिरने से आवासीय मकानों को खतरा

बारिश से नगर एवं ग्रामीण इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। चम्पावत ब्लॉक के पास रहने वाले दीपक जोशी के आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार टूटने से मकान को खतरा हो गया है। लोहाघाट के सुई पऊ के चमनपुर तोक निवासी भवान राम पुत्र लछीराम के आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। छमनियां निवासी जगत प्रकाश चतुर्वेदी की आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे मकान को खतरा पैदा हो गया है।

लोहाघाट, बाराकोट एवं पाटी में भी नुकसान

बाराकोट मोटर मार्ग में आईटीबीपी आवासीय परिसर के समीप व गलचौड़ा के छड़खोला में सड़क में देवदार का विशालकाय पेड़ गिरने से सड़क बंद रही। सूचना के बाद मौके में पहुंचे फायर कर्मियों ने पेड़ हटाकर सड़क खोली। चनकांडे के मस्टा मंदिर परिसर में देवदार का पेड़ गिरने से मंदिर की रैंलिग व मंदिर के छत का कोना क्षतिग्रस्त हो गया है। बाराकोट मोटर मार्ग में पाटन कनेड़ा के से झूमाधुरी मोटर मार्ग की दीवार सड़क में आने से आवाजाही बंद रही। किमतोली में प्रहलाद सिंह, पीतांबर अधिकारी, गोकुल धपोला के मकान के आंगन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। जिला पंचायत प्रतिनिधि मोहित पाठक में मौके में पहुंच कर मुआयना किया। सीएचसी लोहाघाट की सुरक्षा दीवार अल्टो कार के उपर गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई है।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Skand Shukla