यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Corbett Tiger Reserve के रेस्क्यू सेंटर में बाघों के साथ रह रहे हैं तेंदुए
Corbett Tiger Reserve बाघों के संरक्षण के लिए देश-दुनिया में विख्यात कार्बेट टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों से भरा पड़ा ...और पढ़ें

रामनगर, जागरण संवाददाता : Corbett Tiger Reserve : वन्यजीवों और खासकर बाघों के संरक्षण के लिए देश-दुनिया में विख्यात कार्बेट टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों से भरा पड़ा है। सभी पर्यटन जोन डे-नाइट सफारी के लिए खुल चुके हैं। वहीं ढेला जोन में बने रेस्क्यू सेंटर में बाघों के साथ तेंदुए भी रह रहे हैं। लेकिन अफसोस इन्हें पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है। रेस्क्यू सेंटर में दो बाघों के साथ वर्तमान में पांच तेंदुए रखे गए हैं, जो नैनीताल जू समेत अलग-अलग जगहों से रेस्क्यू कर लाए गए हैं। कार्बेट के पशु चिकित्सकों की टीम इनका देखभाल और उपचार कर रही है।
पीएम ने की थी रेस्क्यू सेंटर की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2019 में कार्बेट पार्क के भ्रमण पर आए थे। तब उन्होंने ढेला में बड़ा रेस्क्यू सेंटर बनाने की घोषणा की थी। करीब ढ़ाई साल से रेस्क्यू सेंटर बनाने का काम चल रहा था। अब सेंटर का काम पूरा हो गया है। वहीं कार्बेट प्रशासन इसके शुभारंभ की तैयारी कर रहा है। जल्द मुख्यमंत्री द्वारा इसका शुभारंभ किया जाएगा। खाली पड़े इस रेस्कयू सेंटर में एक साल पूर्व उपचार के लिए दो बाघों को यहां लाया गया था। अब जंगलों से रेस्क्यू कर पांच तेंदुओं को भी यहां लाया गया है। जिसमें दो तेंदुए ऋषिकेश, दो रुद्रपुर के जंगल व एक नैनीताल जू से लाया गया है।
रेस्क्यू कर लाए गए हैं तेंदुए
दो तेंदुएं लोगों पर हमले के बाद पकड़े गए हैं। जबकि तीन तेंदुए घायल अवस्था में रेस्क्यू किये गये थे। सीटीआर के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा द्वारा घायल गुलदारों का उपचार किया जा रहा है। सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि जो गुलदार ठीक हो जाएंगे, उन्हें छोड़ दिया जाएगा। बूढ़े या शिकार करने में अक्षम गुलदारों को रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जाएगा।
