संवाद सहयोगी, रामनगर : मां से बिछुड़कर गुलदार का शावक आबादी में पहुंच गया। ग्रामीणों को गुलदार की भनक लगी तो मौके पर मजमा लग गया। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। बच्चे को तलाशने के लिए गुलदार हमलावर भी हो सकती है। ऐसे में आसपास सुरक्षा के तौर पर वन कर्मियों को गश्त के लिए लगाया गया है।

तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत रामनगर रेंज के कठियापुल के जंगल में गन्ने के खेत के बाहर ग्रामीणों ने गुलदार के एक शावक को घुमते देखा। रेंजर संतोष पंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने शावक को पकड़कर पहले बोरे में रखा। इसके बाद उसे पिंजड़े में रखकर विभागीय कार्यालय लाए। इस दौरान शावक पिंजड़े से निकलने के लिए काफी देर तक छटपटता रहा। ग्रामीणों का कहना था कि गुलदार दो शावकों के साथ देखी जा रही थी। पकड़ा गया शावक उसी गुलदार का है। उसके साथ एक और शावक है। लिहाजा ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए गुलदार को भी पकड़ा जाए। डीएफओ डीके सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का मानना है कि उस जगह पर मादा गुलदार व उसका एक और शावक भी है। पकड़े गए शावक की उम्र करीब एक साल आंकी जा रही है। उसका मेडिकल कराने के बाद छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग ने पकड़ा ब्राउन फिश प्रजाति का उल्लू भवाली : नगर के मल्ली बाजार में मंगलवार को अचानक उल्लू के दिखने से लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पर वनकर्मी नारायण सती व सुंदर सिंह मौके पर पहुंचे। सुंदर सिंह ने मशक्कत के बाद उल्लू को सुरक्षित पकड़कर वन विभाग की चौकी ले गए। वहां से उसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया। वन रेंजर मुकुल शर्मा ने बताया कि उल्लू ब्राउन फिश प्रजाति का है। रानीबाग रेस्क्यू सेंटर से उसे नैनीताल चिड़ियाघर भेजा जाएगा।

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