जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : परिवहन निगम में ट्रैफिक संचालन से जुड़े स्टाफ यानी चालक-परिचालकों के अवकाश अब ज्यादा लंबित नहीं रहेंगे। हर सप्ताह उन्हें छुट्टी देने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। वैसे यह नियम पुराना है। लेकिन इसका पालन पूरी तरह नहीं हो रहा था। जिस वजह से विशेष श्रेणी और संविदा चालकों की ड्यूटी का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता था। लगातार काम करने की वजह से उनके अवकाश पेंडिंग हो जाते हैं। बाद में एक साथ छुट्टी लेने पर संचालन की व्यवस्था बिगड़ जाती है। इसलिए चालक-परिचालकों का डाटा खंगाल सभी डिपो में अवकाश का रोस्टर तैयार किया जा रहा है।

रोडवेज अफसरों के मुताबिक व्हीकल एक्ट के तहत चालकों को रेस्ट देना अनिवार्य है। मगर कई अस्थायी चालक किमी के लालच में लगातार रूट पर चले जाते हैं। और बाद में एक साथ छुट्टियां लेते हैं। अफसरों तक इस बात का पता चलने पर उन्होंने ट्रैफिक से जुड़े स्टाफ का ऑफ प्लान देने को कहा है। बता दें कि लंबे समय तक चालकों को अवकाश न मिलने के कारण रूट पर चलने पर हादसे का भी खतरा रहा है। थकान और झपकी आने के कारण कई बार रोडवेज बसें हादसे का भी शिकार हो चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों की जान पर भी आफत बना रहता है।

सिर्फ खास को मौका नहीं मिलेगा

रोडवेज में ड्यूटी आवंटन को लेकर भी खेल होते हैं। संविदा व विशेष श्रेणी के कुछ चालकों को लगातार रूट पर भेजा जाता है। जबकि कई लोग ऐसे भी है जिन्हें ज्यादा ड्यूटी नहीं मिलती। किमी के हिसाब से भुगतान होने के कारण ज्यादा चक्कर मारने पर अधिक पैसे मिलते हैं। वहीं, नए आदेश से चहेते चालकों को नियमों के खिलाफ ड्यूटी नहीं मिल पाएगी। सभी को बराबर मौका मिलेगा। हालांकि, देखना यह है कि छुट्टी आदेश का कितना पालन होगा।

Edited By: Skand Shukla