हल्द्वानी, जेएनएन : नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि जलभराव के मुद्दे पर बिल्कुल भी राजनीति नहीं की जानी चाहिए। आज शहर में जिस तरह की भी स्थिति है, इसका समाधान खोजा जाना चाहिए। मैं खुद दो दिन से हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक सिचाई व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों से बात कर रही हूं। 

नेता प्रतिपक्ष ने शनिवार को प्रेस को जारी बयान में कहा कि मैं मुख्यमंत्री की आभारी हैं, जिन्होंने जल निकासी की व्यवस्था में सुधार के लिए हल्द्वानी व रुद्रपुर दोनों शहरों को शामिल किया है। इसमें सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन अधिकारियों से मैंने बात की है। उनका कहना है कि वह जल्द ही डीपीआर तैयार कर टेंडर जारी करेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए शहर के पुराने नक्शे का अध्ययन करना होगा। टेड़ीपुलिया से नाले का पानी जो सीधे गौला नदी में जाता था, वह प्रस्तावित जमरानी बांध के निर्माण के लिए नहरों में डायवर्ट हो गया। अब निकासी वाले मार्गों पर अतिक्रमण होने से सड़क पर जलभराव होने लगा है। 

अब इसे बहस का मुद्दा न बनाकर इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क निर्माण होगा तो फुटपाथ बनाया जाना भी आवश्यक है, ताकि स्कूल जाने वाले बच्चे एवं पैदल यात्री दुर्घटना से बच सकें। फुटपाथ के अंदर जल निकासी की गई है। निगम को बरसात से पूर्व नालों की सफाई करानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मेरे घर के सामने भी ओवरफ्लो हो रहा है। लोगों के घरों में पानी जा रहा है। इसके लिए मैंने विधायक निधि से नौ लाख रुपये आवंटित किए हैं। 

निर्धारित डिजाइन के अनुसार नहीं बने फुटपाथ : मेयर

मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला ने कहा कि नैनीताल रोड पर फुटपाथ निर्धारित डिजाइन के अनुसार नहीं बने हैं। फुटपाथ के अंदर जो भी पाइपलाइन हैं, इन्हें साफ करने के लिए चैंबर तक नहीं हैं। जबकि, यह कार्य 26 करोड़ रुपये से किया गया था। अब इस तरह की स्थिति से पूरी सड़क ही नाला बन गई है। इस मामले में नगर आयुक्त, एसडीएम से पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि नगर निगम डुबो दिया गया है। हकीकत यह है कि जब पूर्व में मैंने कार्यभार ग्रहण किया था, तब 22 करोड़ की देनदारी थी। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता था। इसका पूरा भुगतान किया। देनदारियां खत्म की। शहर में स्वच्छता के लिए काम किया। क्षेत्रीय विधायक को अपनी निधि से काम करना चाहिए। जिला योजना से कार्य करवाना चाहिए। मैंने पांच साल का लक्ष्य पेयजल पुनर्गठन व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए तय किया हैं। इस पर तेजी से काम हो रहा है। 

Posted By: Skand Shukla

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