काशीपुर, जेएनएन : कांग्रेस के नई प्रदेश कार्यकारिणी सूची जारी होने के बाद से पार्टी का आंतरिक गतिरोध खुल कर सामने आ चुका है। वहीं नाराज नेताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी सख्‍त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्‍होंने कहा कि यदि किसी को कोई समस्‍या है पार्टी फोरम में रख सकता है। उस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कांग्रेस विधायक हरीश धामी का सीधे नाम न लेते हुए उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने वालों का कभी भी भला नहीं हो सकता है। यहीन न हो तो चैम्पियन की स्थिति देख लीजिए। नेता प्रतिपक्ष गुरुवार को काशीपुर में पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में पहुंचीं थीं ।

नई कार्यकारिणी के बाद सामने आ चुका है गतिरोध

बुधवार को इस बात को लेकर चर्चा तेज रही कि धारचूला विधायक हरीश धामी ने देहरादून में भाजपा नेताओं से मुलाकात की है। इस खबर ने सूबे में सियासी राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी में भी दो फाड़ देखने का मिल रहा है। पूर्व सीएम हरीश रावत गुट से जुड़े हरीश धामी और पार्टी के प्रदेशस्तरीय नेताओं के बीच का मनमुटाव खुलकर सामने आ चुका है। बीजेपी भी इस मौके को भुनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने पूरे विवाद पर कहा कि लिस्ट दिल्ली से टाइप होने के बाद जारी हुई है। जिसको लेकर विधायक को समझा लिया गया है।

बीजेपी की नजर धारचूला सीट पर

भले ही कांग्रेेस आल इज वेल की बात कर रही हो लेकिन सच्चाई यह है कि कांग्रेसी पार्टी के आपसी गतिरोध को बीजेपी एक अवसर के रूप में देख रही है। विधायक हरीश धामी के देहरादून में बीजेपी के नेताओं से मिलने की खबर ने राजनीति में नए संभावनाओं को जन्म दिया है। धामी के भाजपा के करीब आने से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सीमांत जनपद में धारचूला ही ऐसी विधानसभा सीट है, जहां राज्य बनने के बाद भाजपा कभी काबिज नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें : नए कार्यकारिणी के बाद कांग्रेस में मचे बवाल पर हरीश रावत ने कहा नो कमेंट 

Posted By: Skand Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस