हल्द्वानी, जेएनएन : कांग्रेस शासनकाल में बने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खामियां निकलने का मामला तूल पकड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का कहना है कि स्टेडियम का निर्माण तीन साल पहले हो गया था। इसके बावजूद खेल विभाग और सरकार ने इसे कब्जे में नहीं लिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तीन साल अगर घर भी खाली छोड़ दिया जाए तो जगह-जगह से टूटने लगता है।

डीएम सविन बंसल द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में स्टेडियम के निर्माण में कमियां मिलने व उच्च स्तरीय तकनीकी कमेटी से जांच करवाने की बात कही गई है। गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में इंदिरा ने कहा कि खेल से जुड़ी युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का निर्माण किया गया था। कंपनी ने तीन माह पूर्व सरकार को पत्र लिखकर स्टेडियम अपने स्वामित्व में लेने की मांग की थी। इसके अलावा बाकी बचे कार्य को पूरा करने के लिए सात करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा। बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण कुछ काम अटका है। इंदिरा ने कहा कि 2021 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में गौलापार स्टेडियम का इस्तेमाल होना चाहिए।

आइएसबीटी व स्टेडियम को लेकर आंदोलन

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आइएसबीटी को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। जबकि यह शहर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इन दोनों प्रोजेक्ट को लेकर जल्द सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।

अध्यक्ष व प्रमुख का चुनाव जनता करे

पंचायत चुनाव को लेकर बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि इनमें धनबल का इस्तेमाल होता है। जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जनता के वोट से होना चाहिए। कांग्रेस व भाजपा के तौर पर चुनाव नहीं हुआ, बल्कि यह पैसों का चुनाव था।

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Posted By: Skand Shukla

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