नैनीताल, जेएनएन : नैनीताल की बेटी ने काठमाडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों के ताइक्वाडो अंडर-53 किग्रा के मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है। मध्य प्रदेश से खेल रही लतिका ने पिता को सेना से रिटायर होने से पहले यादगार तोहफा दिया है। उसकी सफलता से पूरे राज्य के खेलप्रेमी उत्साहित हैं।

बचपन से खेल के प्रति रही है जुनूनी

नैनीताल के मल्लीताल निवासी सेना में सेवारत महेंद्र सिंह व गृहणी नीमा भंडारी की इकलौती बेटी लतिका में बचपन से ही खेलों के प्रति जुनून सवार था। नैनीताल में भी उसने ताइक्वाडो में खूब मेहनत की। बचपन से ही ताइक्वांडो की स्पर्धाओं में अपने प्रतिद्वंद्वियों को धूल चटाई। अभ्यास से खेल में निखार आता गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 2012 में मध्य प्रदेश सरकार के खेल में सर्वोच्च विक्रम अवार्ड प्राप्त लतिका 12वें दक्षिण एशियाई खेल व राष्ट्रमंडल खेल में ताइक्वाडो में स्वर्ण पदक जीत चुकी है।

पाकिस्तान की खिलाड़ी को हराया

बुधवार को लतिका ने अंडर-53 किग्रा वर्ग में पाकिस्तान की खिलाड़ी को 40-10 के अंतर से हराया। इस उपलब्धि पर परिजनों में खुशी की लहर है। लतिका इससे पहले देश के लिए दस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण समेत चार पदक जीत चुकी है। जबकि नौ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओें पाच स्वर्ण पदक जीत चुकी है। 23 वर्षीय लतिका ने स्कूल स्तर पर ताइक्वाडो की क्लास ज्वाइन की और पिता के कहने पर इस खेल को करियर बनाया। उसके परिवार के नजदीकी हिमाशु जोशी ने बताया कि इन दिनों उसकी मा भी असम गई हैं। लतिका के पिता इसी माह सेना से रिटायर होने वाले हैं। शहर के ताइक्वाडो कोच विश्वकेतु वैद्य समेत अन्य ने लतिका को राज्य का गौरव करार दिया है।

यह भी पढ़ें : विज्ञान कांग्रेस की राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बोलने और सुनने में असमर्थ हिमानी का चयन

यह भी पढ़ें : भर्ती के लिए गए युवक की मौत के मामले में आईटीबीपी के तीन जवानों को मिली जमानत

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप