खतरे में नैनीताल... भू धंसाव हुआ विकराल... 30 से अधिक घरों पर चिंता की 'लकीरें'
नैनीताल में भू-धंसाव ने 30 से अधिक घरों और दुकानों को खतरे में डाल दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में ...और पढ़ें

HighLights
गंगोरी गांव में भू-धंसाव से 30 से अधिक घर खतरे में
हाईवे पर चार फीट चौड़ी दरारें, गुप्तेश्वर मंदिर मार्ग ध्वस्त
ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया, जोशीमठ जैसे हालात की आशंका
भू धंसाव विकराल... 30 से अधिक घरों पर चिंता की 'लकीरें'
एजेंडा के लिए प्रस्तावित
-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे से सटे गंगोरी गांव में भूस्खलन ने बढ़ाई लोगों की चिंता
-लोगों का आरोप, तीन साल पहले ही जताया था खतरे का अंदेशा
हाईलाइटर
-03 दुकानों में आईं चार फीट चौड़ी दरारें, गांव के मुखिया का मकान भी खतरे की जद में
-04 दिन पहले से शुरू हुईं हाईवे पर दरारें, जिलाधिकारी ने टीम भेजने को कहा
-150 से ज्यादा लोग प्रभावित, तत्काल सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए तो बढ़ सकती है दिक्कत
संवाद सूत्र, गरमपानी। वर्ष 2023 में जोशीमठ में भू-धंसाव से मची तबाही की खौफनाक तस्वीरें अभी लोगों के जेहन से मिटी भी नहीं थीं कि अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे से सटे गंगोरी गांव में भू-धंसाव ने घरों की दीवारों के साथ माथे पर चिंता की लकीरें उकेर दी हैं। पिछले चार दिनों से हो रही बारिश के बीच गांव की जमीन लगातार खिसक रही है। हाईवे के 150 मीटर क्षेत्र में आई करीब चार फीट चौड़ी दरारें बड़े हादसे की आहट दे रही हैं लेकिन प्रशासन और संबंधित महकमों के अधिकारी चिरनिंद्रा में हैं।
गंगोरी गांव में बारिश के साथ लोगों में अपना आशियाना छीनने की चिंता सताने लगती है। हालात इतने भयानक हो चुके हैं कि ग्राम प्रधान के मकान समेत तीन दुकानों और 30 से अधिक आवासीय भवनों पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। मकानों में लगातार चौड़ी होती दरारें बोल रहीं है कि अगर समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए गए तो गांव के अस्तित्व के खतरा हो सकता है।

इतना ही नहीं, सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है जिससे ग्रामीणों की दहशत और ज्यादा बढ़ गई है। प्रशासनिक बेरुखी और जमीनी हकीकत से बेखबर अफसरों के रवैये को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है।
बुधवार को हीरा देवी, मंजू देवी, देवकी देवी, राधा, गंगा, कुंदन सिंह राणा, बबली नेगी, उमा बिष्ट समेत कई ग्रामीणों ने बैठक कर अपनी गहरी चिंता जताई और शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि समय रहते भू-धंसाव को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो गंगोरी को जोशीमठ बनने में समय नहीं लगेगा। इसकी जिम्मेदारी बेपरवाह सिस्टम की होगी।

ग्राम प्रधान ने पड़ोसी के घर पर ली शरण
ग्राम प्रधान नीमा ने परिवार के सात सदस्यों के साथ पड़ोसी के घर में शरण ले ली है। हाईवे पर स्थित स्थानीय ईश्वर सिंह नेगी की दुकान में भी दरारें चौड़ी होने से दुकान व घर पर खतरा मंडरा गया है। किरायेदार भीम सिंह ने भी दुकान का सामान हटाना शुरू कर दिया है।
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पेट्रोल पंप के ऊपरी हिस्से से भी सुरक्षा दीवार धराशायी होने के कगार पर पहुंच गई है। हाईवे के लगातार धंसने से आवाजाही खतरनाक हो चुकी है। परेशान ग्रामीणों ने सुरक्षा को ठोस उपाय करने की मांग उठाई है। अंदेशा जताया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति भयावह हो सकती है।
नारेबाजी कर जिम्मेदारों पर बरसे ग्रामीण
रामगढ़ ब्लाक के गंगोरी गांव में आवासीय मकानों के खतरे की जद में आने के बाद ग्रामीणों ने एनएच विभाग को जिम्मेदार ठहराकर नारेबाजी की। प्रधान नीमा समेत अन्य आरोप लगाया कि एनएच विभाग की लापरवाही से कई परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं।

तीन वर्ष पूर्व हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान मजबूत सुरक्षात्मक कार्यों को लेकर आवाज भी उठाई गई पर विभाग ने अनदेखी कर दी जिसका खामियाजा आज स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। आरोप लगाया कि हाईवे किनारे बरसात के पानी की निकासी के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए। पूर्व में जब हाईवे पर धंसाव हुआ तो विभाग ने मिट्टी डालकर कमियों को छिपाने का प्रयास किया।
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गांव में जमीन धंसने का मामला संज्ञान में आया है। एनएच की टीम को मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाया जाएगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए जल्द ही सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। - ललित मोहन रयाल, जिलाधाकारी, नैनीताल
यदि समय रहते भू-धंसाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए होते तो हालात इतने नहीं बिगड़ते। ग्रामीणों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। अगर जिम्मेदारों ने इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। - नीमा देवी, ग्राम प्रधान, गंगोरी
