छात्र संघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50% आरक्षण पर बहस शुरू, कुमाऊं विश्वविद्यालय में अहम बैठक आज
उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव से पहले छात्राओं के लिए 50% पद आरक्षित करने के शासनादेश पर विवाद खड़ा हो ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। अब चुनाव में मात्र 11 दिन ही शेष बचे हैं। चुनावी गहमागहमी के बीच उच्च शिक्षा विभाग ने छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने का शासनादेश जारी कर दिया है।
छात्रा उपाध्यक्ष पद पहले से आरक्षित है। इसी के साथ अब संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष का पद छात्राओं के लिए आरक्षित करने की तैयारी है। शासन की योजना सामने आते ही तैयारी कर रहे छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है।
एमबीपीजी कालेज में संभावित प्रत्याशियों ने प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी से मिलकर अगले वर्ष से आरक्षण लागू करने की मांग की है। साथ ही चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आरक्षण लागू होने को ग़लत ठहराया है।
इधर, कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शुक्रवार सुबह सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों संग बैठक की है। जिसमें कई कालेजों ने इस वर्ष व्यवस्था लागू करने पर विवाद होने की आशंका जताई है।
एमबीपीजी कालेज और रुद्रपुर महाविद्यालय सहित अधिकांश कालेजों ने सत्र 2027-28 से छात्रा आरक्षण लागू करने पर जोर दिया है। वहीं, कुमाऊं विश्वविद्यालय ने आरक्षण के मामले में शाम पांच बजे विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक बुलाई है। जिसमें यह विषय रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि कालेज के विरोध पर विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में अगले सत्र से 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कराने का विषय रखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय कार्य परिषद की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
