कुमाऊं में बारिश का कहर: भूस्खलन से 36 सड़कें बंद, कई गांवों का जिला मुख्यालय से कटा संपर्क
कुमाऊं में मानसूनी बारिश ने कहर बरपाया है, जिससे 36 सड़कें बंद हो गई हैं और हजारों ग्रामीण आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है
HighLights
कुमाऊं में मानसूनी बारिश से 36 सड़कें बंद।
हजारों ग्रामीण आबादी का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा।
अधिकारियों ने युद्धस्तर पर सड़कें खोलने के दिए निर्देश।
जागरण संवाददाता, नैनीताल। कुमाऊं में मानसून की बारिश सड़कों पर आफत बनकर बरस रही है। बंद सड़कों की वजह से हजारों की ग्रामीण आबादी का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा है। मलबा आने व भूस्खलन की वजह से मंडल की 36 सड़कों पर यातायात थमा है, अलबत्ता अन्य बंद 18 सड़कों को पिछले 24 घंटे में खोल दिया गया है।
अपर आयुक्त जीवन सिंह नागन्याल ने बताया कि बारिश से नैनीताल में 1264 सड़कों में से 11 बंद हैं, जबकि अल्मोड़ा में 544 में से छह, पिथौरागढ़ में 460 में से 11, बागेश्वर में 235 में से पांच, चंपावत में 462 में से तीन सहित कुमाऊं में 4303 सड़कों में से 36 बंद हैं।
बंद सड़कों में चार राज्य मार्ग, चार जिला मार्ग शामिल हैं। बारिश से ओखलकांडा के पिनरौ क्षेत्र, चंपावत के मंच उपतहसील अंतर्गत ग्राम तरकूली में बिजली आपूर्ति बाधित है। बारिश से इस सीजन में अब तक 16 आवासीय भवनों को आंशिक नुकसान हुआ है।
सचिव मुख्यमंत्री व कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों व विभागों के मंडलीय अधिकारियों से बंद सड़कों को युद्ध स्तर पर खोलने तथा प्रभावित इलाकों में व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें- ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन हाईवे का काम रहेगा जारी, हाई कोर्ट से NHAI को मिली बड़ी राहत
