उत्तराखंड खेल हॉस्टल में फंसा नया पेंच, बोर्ड कक्षाओं के स्थानांतरण पर संकट
खेल हॉस्टल के ट्रायल परिणाम एक महीने से अधिक समय से लंबित हैं, जिससे प्रतिभावान खिलाड़ियों का साल बर्बाद हो रहा है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। प्रदेश में खेल हॉस्टल के लिए ट्रायल हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इनके लिए चयनित बच्चों का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। इस कारण प्रतिभावान खिलाड़ियों का साल बर्बाद हो रहा है।
दरअसल, हर वर्ष खेल हॉस्टल के लिए ट्रायल होते थे, लेकिन इस वर्ष खेल निदेशालय ने खेल हॉस्टल के लिए ट्रायल ही नहीं करवाए। इसके पीछे हवाला दिया गया कि खेल नर्सरी विकसित की जानी हैं, लेकिन खेल नर्सरी की योजना भी तैयार नहीं हो पाई है। यह मुद्दा दैनिक जागरण ने उठाया तो खेल हॉस्टल के लिए ट्रायल कराए गए, लेकिन राज्य स्तरीय ट्रायल 15 और 16 सितंबर को हो चुके हैं।
इसके बाद अब तक परिणाम नहीं आया है जबकि ज्यादातर स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं हो चुकी हैं। इस पर अब नया पेंच सामने आ गया है। चूंकि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भरे जा चुके हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों ने खेल विभाग को साफ किया है कि उन्हें एक से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करना कठिन होगा।
नैनीताल जिला खेल कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, खेल निदेशालय को स्कूलों से मिले फीडबैक की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है कि गैर बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को आधे सत्र से लेने के लिए स्कूल तैयार हैं, लेकिन बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कठिनाई होगी।
खेल हॉस्टल के ट्रायल का परिणाम जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। अगर बोर्ड परीक्षा वाले खिलाड़ियों को आधे सत्र में स्कूल ट्रांसफर करने में दिक्कत आती है तो इस संबंध में शिक्षा विभाग से बात की जाएगी। - अजय अग्रवाल, अपर निदेशक, खेल निदेशालय
