जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे सहायक समाज कल्याण अधिकारी एनके शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने व प्राथमिकी निरस्त कराने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में विजिलेंस को सात अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही याचिकाकर्ता द्वारा पक्षकार बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका दायर करने का मतलब यह नहीं है कि विपक्षी को विधिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाए। अगली सुनवाई सात अक्टूबर नियत की है।

सोमवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ में जनहित याचिका दायर करने वाले एसके सिंह द्वारा खुद को पक्षकार बनाने संबंधी प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश किया। जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। मामले के मुताबिक देहरादून निवासी एसके सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एनके शर्मा के खिलाफ 2016 से विजिलेंस जांच चल रही है। मार्च 2021 में कोर्ट ने निदेशक विजिलेंस को कोर्ट में तलब कर दो माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर निदेशक ने जांच पूरी कर पाया कि शर्मा द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है। जिस पर शर्मा के खिलाफ सरकार ने प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। शर्मा का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

Edited By: Skand Shukla