जागरण संवाददाता, चम्पावत : बारिश से हुई त्रासदी का असर दिखने लगा है। जैसे-जैसे पर्वतीय क्षेत्र में संचार व्यवहार बहाल हो रही है वैसे-वैसे त्रासदी की भयावह तस्वीरें सामने आने लगी है। मकान, गौशाला, पशुहानि आदि की शिकायतें लगातार आपदा कंट्रोल रूम पर आ रही है। इन सबसे निपटने के लिए डीएम विनीत तोमर ने सभी एसडीएम को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसडीएम की अध्यक्षता में पटवारियों के नेतृत्व में टीमों का गठन कर दो दिन के अंदर नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही टीमों को निर्देश दिए है कि वह मौके पर ही आपदा प्रभावितों को मुआवजा राशि का वितरण करें। वहीं डीएम ने अवकाश से न लौटने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब न मिलने पर अधिकारियों के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी।

डीएम व एसपी ने बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।  बारिश के बाद हुई त्रासदी का बुधवार को डीएम विनीत तोमर एवं एसपी देवेंद्र पींचा ने आपदाग्रस्त स्थलों पर जाकर निरीक्षण लिया। उन्होंने बापरु में बंद एनएच (चम्पावत-पिथौरागढ़) मार्ग पर जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को जल्द मार्ग सुचारू करने के निर्देश दिए। एनएच प्रभारी ईई विवेक सक्सेना ने बताया कि मार्ग खोलने को लेकर हम पूरा प्रयास कर रहे है। कहा कि जल्दी ही मार्ग चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों में जाकर अधिकारियों को सड़कों को जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्राम पंचायत बापरु, मरोड़ाखान, धनोला, किमतोली, खालगड़ा, पुल्ला, तुमडाई, रोसाल, सुल्ला, मानाढूंगा, दिगालीचौड़, गोथ्याफ़्ला व बाकू का स्थलीय निरीक्षण कर वहां के  लोगों से गांव में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की तथा लोगों से कहा कि जनपद में आपदा से हुए नुकसान का सर्वेक्षण करने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जिसमें पटवारी, पंचायत सचिव तथा तहसीलदार स्तर के अधिकारी सभी गांव में जाकर स्थलीय निरीक्षण करेंगें।

उन्होंने गांव के लोगों से कहा कि सर्वेक्षण टीमों को अपने गांव में हुए नुकसान की जानकारी दे, जिस पर प्रशासन की ओर से मुवावजा दिया जा सके। उन्होंने बताया की पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर के लिए 1 लाख उन्नीस सौ रुपये आपदा राहत कोष से देने का प्रावधान है तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए भी प्रशासन की ओर से मुवावजे का प्रावधान है। जिन घरों में मलबा आया है तथा वह घर रहने की स्तिथि में नही हैं उस घर के सदस्यों को अन्य स्थान में शिफ्ट किया जाए जिसका किराया जिला प्रशासन की ओर से दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज दिगालीचौड़ जाकर विद्यालय के छात्र- छात्राओं से वार्ता की और उनसे उनके आसपास आपदा में हुए नुकसान की जानकारी ली और कहा की सर्वे टीम को गाँव में हुए नुकसान की जानकारी दी। वहीं जीआइसी धौंन के साथ बस्तियागूंठ में मोहन चंद्र व लक्ष्मी दत्त भट्ट के मकान को भूस्खलन होने से खतरा पैदा हो गया है। सभी ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी है।

Edited By: Prashant Mishra