जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के उपनलकर्मियों की हड़ताल का आज 12वां दिन है। इसके चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं लगातार बहदाल हो गई हैं। इसके बावजूद मरीजों की कोई सुधलेवा नहीं है। कर्मचारियों ने साफ कह दिया है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती है, आंदोलन जारी रहेगा। इस चेतावनी के बाद अस्पताल प्रबंधन की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। 

 समान कार्य समान वेतन व नियमितिकरण की मांग को लेकर बुद्ध पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि हमारी मांगें जायज हैं। 15 साल से काम कर रहे हैं। कोविड काल में भी पूरा सेवा की। दिन-रात काम किया। इसके बावजूद सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है। इस तरह की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 700 से अधिक उपनलकर्मियों की हड़ताल से अस्पताल की व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है।

सफाई तो हो रही है, लेकिन ऑपरेशन नहीं 

अस्पताल में सफाई तो हो रही है। इसके लिए बाहर के कर्मचारी बुलाए गए हैं, लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह ठप हो गए हैं। ओपीडी में डाक्टर ऑपरेशन की सलाह तो देते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते ऑपरेशन टाल दिए जा रहे हैं। मरीज मन मसोसकर लौटने को मजबूर हैं। ओपीडी की पर्चे पर ब्लड जांच भी बंद हो चुकी है। 

आखिर कब तक मिलेगा मरीजों को इलाज 

इंटरनेट मीडिया पर भी एसटीएच के हड़ताल की चर्चा होने लगी है। लोगों का कहना है कि आखिर सरकार क्यों सुध नहीं ले रही है? यह समझ से परे हैं। जब 12 दिन हो गए हैं। कुमाऊं भर के मरीजों के लिए एकमात्र उम्मीद वाले अस्पताल की बदहाली देखते नहीं बन रही है।

मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो सीपी भैंसोड़ा का कहना है क‍ि अपने स्तर पर जितनी काेशिक हो रही है, कर रहे हैं। उपनलकर्मियों का मामला शासन स्तर का है। शासन को अवगत कराया गया है। सफाई भी करवाई जा रही है। ऑपरेशन व अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

 

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