जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : दशहरा की छुट्टियां नैनीताल समेत कुमाऊं के अन्‍य पर्यटन स्‍थलों पर बिताने के लिए सैलानियों के पहुंचने का तांता लगा है। लेकिन रविवार से कुमाऊं के मौसम में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते कुमाऊं में बारिश के आसार बन रहे हैं।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 17 व 18 अक्टूबर को कुमाऊं के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछार पडऩे की संभावना है। विभाग ने कुछ जगहों पर भारी बारिश या तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम में बदलाव का असर शनिवार से ही दिखने लगेगा। सिंह ने बताया कि बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खासकर सामान्य से अधिक चल रहा अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री तक नीचे आ जाएगा।

दिन की गर्मी, रात में सर्दी बिगाड़ रही सेहत

मानसून की विदाई के बाद मौसम तेजी बदलने लगा है। नमी कम होने, पछुआ हवा चलने से दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। पाला पडऩे से रात का तापमान गिरने लगा है। कुमाऊं के कई शहरों में दिन व रात के तापमान में दोगुना का अंतर आ गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम, वायरल फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं।

एसी की हवा, कोल्ड ड्रिंक खतरनाक : विशेषज्ञ

वरिष्ठ फिजिशियन डा. नीलांबर भट्ट का कहना है कि बदलते मौसम में सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। 30 से 32 डिग्री तापमान में एयर कंडीशन (एसी) से बचना चाहिए। इस तापमान में पंखा पर्याप्त है। सुबह-शाम की ठंड को नजरंदाज करने से बचें। कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम आदि का सेवन सेहत बिगाड़ सकता है। डा. भट्ट ने बताया कि इस समय सीजनल फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। फ्लू को जाने में सामान्य तौर पर पांच से छह दिन लग जाते हैं। यह फ्लू एक से दूसरे में फैलता है। एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच भी करानी चाहिए।

कुमाऊं के प्रमुख स्टेशनों का तापमान

स्टेशन       अधिकतम       न्यूनतम

हल्द्वानी    33.9               21.5

नैनीताल     25.7              16.0

रुद्रपुर         36.7              18.7

अल्मोड़ा      31.7             12.1

पिथौरागढ़   30.8             12.9

चम्पावत    28.2              11.6

सर्दी, जुकाम के मरीज बढ़े

मौसम में बदलाव से अस्पतालों में ओपीडी बढ़ी है। ओपीडी में सर्दी, जुकाम वाले रोगियों की संख्या अधिक है। सुशीला तिवारी अस्पताल की ओपीडी के मुताबिक 17 फीसद मेडिसिन, 10 प्रतिशत स्किन, नौ प्रतिशत नाक, कान, गला रोगियों की है। गुरुवार को सुशीला तिवारी की ओपीडी 557, बेस की 680 रही।

Edited By: Skand Shukla