जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : ब्रिटेन के कामनवेल्थ स्कालरशिप कमीशन (सीएससी) के द्वारा साल 2021-22 के लिए भारत से आइएएस सविन बंसल का चयन हुआ है। बंसल अखिल भारतीय सेवा के उत्तराखण्ड कैडर के अधिकारी हैं। सविन उत्तराखंड कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के डीएम रहे चुके हैं।

कामनवेल्थ स्कालरशिप कमीशन ब्रिटेन का एक शासकीय आयोग है। यह इंग्लैंग सहित कामनवेल्थ देशों के नागरिकों को ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) व पीएचडी के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करती है। इस स्कॉलरशिप के लिए 100 से अधिक कामनवेल्थ के देशों से आवेदन किए जाते हैं। इसमें ज्यूरी द्वारा योग्यता के आधार पर स्कालरशिप के लिए चयनित किया जाता है। भारत से हर साल कई अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों द्वारा भी इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया जाता है। इसमें से 2021-22 के लिए देश के मात्र एक अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी बंसल का चयन किया गया। बंसल का चयन स्ट्रेंदनिंग रेजिलेंस एंड रिस्पांस टू क्राइसिस थीम के लिए हुआ।

यह मिलती हैं सुविधाएं

इस स्कॉलरशिप के तहत एक वर्ष के लिए आवास, भोजन और आने-जाने आदि की सुविध मुफ्त होती है। इसके साथ साथ ही 40,788 पाउंड करीब 40 लाख 60 हजार भारतीय रुपये मिलते हैं। इसके अलावा परिवार को भी फ्री आवास की व्यवस्था होती है। सविन बंसल को कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप कमीशन से स्कॉलरशिप प्राप्त होने पर आइएएस एसोसिएशन ने शुभकामनाएं दी हैं। सविन बंसल के अनुसार वह इसकी करीब एक साल से तैयारी कर रहे थे। 

इन क्षेत्रों के लिए मिलती है स्कालरशिप

कामनवेल्थ स्कालरशिप इंजीनियरिंग, अप्लाइड साइंस, कृषि, सोशल साइंस व कला क्षेत्र में पढ़ाई व शोध के लिए दी जाती है।

यह होनी चाहिए योग्यता

- आवेदक को कामनवेल्थ के सदस्य देशों का नागरिक होना चाहिए।

- छात्र की पूरी पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होनी चाहिए।

- परास्नातक के लिए आवेदक को स्नातक स्तर पर सोशल साइंस और आर्ट्स ग्रुप में कम से कम 60 फीसद और इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस और एग्रीकल्चर ग्रुप में कम से कम 65 प्रतिशत मार्क्स होना आवश्यक है।

- पीएचडी के लिए स्टूडेंट्स को पोस्टग्रेजुएट लेवल पर सोशल साइंस और आर्ट्स ग्रुप में कम से कम 60 फीसद अंक और इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस और एग्रीकल्चर ग्रुप में कम से कम 65 फीसद मार्क्स प्राप्त होना चाहिए।

- परास्नातक के लिए किसी विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट के लिए नामांकन न हुआ हो तथा पीएचडी के लिए किसी विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए नामांकन न हुआ हो।

- आवेदक को ब्रिटेन के एक विश्वविद्यालय में अध्ययन करने में सक्षम होना चाहिए।

- छात्र की आयु 40 साल से अधिक नहीं होना चाहिए।

Edited By: Prashant Mishra