जागरण संवाददाता, नैनीताल: कोविड काल के बाद प्रदेश में शुरू हुई चार धाम यात्रा को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने चुनौती और अवसर दोनों करार दिया है। कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु आने की उम्मीद है, जो उत्तराखंड वासियों के लिए चुनौती के साथ ही अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि वह कुमाऊं को बारीकी से जानना चाहते हैं। साथ ही तहसील और ब्लॉक स्तर पर किस तरह के विकास कार्य हो रहे हैं इसका वह स्वयं अध्ययन करना चाहते हैं। जिसको लेकर वह दौरे पर नैनीताल पहुंचे हैं।

बुधवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह नैनीताल राजभवन पहुंचे। जहां पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। साथ ही कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एनके जोशी ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।

मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि वह कुमाऊं को बारीकी से जानना चाहते हैं। जिसको लेकर ही वह नैनीताल दौरे पर पहुंचे हैं। जिलों के दौरे के बाद अब वह तहसील और ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण कर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में किस तरह के विकास कार्य हो रहे हैं इसकी हकीकत को जानेंगे।

उन्होंने कुमाऊं को बेहद ही सुंदर और बेहतरीन पर्यटन स्थल बताया। साथ ही कहा कि कोविड काल के बाद देशभर के लोगों को उत्तराखंड अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस वर्ष चार धाम यात्रा का अलग ही लेवल है। जिससे रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने चार धाम यात्रा को उत्तराखंड वासियों के लिए चुनौती और अवसर दोनों करार दिया। कहा कि देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों यात्री उत्तराखंड पहुंचने को आतुर हैं। ऐसे में क्षेत्रीय होमस्टे और स्वयं सहायता समूह को रोजगार मिल रहा है।

उत्तराखंड वासियों से देश और विदेशों से आ रहे अतिथियों का स्वागत करने की अपील भी की। कहा कि सरकार की मंशा है कि हर पर्यटक की आवभगत की जाए। प्रदेश में भौगोलिक दृष्टिगत कई चुनौतिया है। अच्छी सड़के, मोबाइल कनेक्टविटी, पार्किंग स्थलों की समस्याएं सामने है। मगर इनके निस्तारण के लिए सरकार द्वारा डिटेल से प्लानिग की जा रही है।

इस दौरान कुमाऊ आयुक्त दीपक रावत, डीएम धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, सीडीओ संदीप तिवारी, सीओ संदीप नेगी, कोतवाल प्रीतम सिंह, एसओ रोहिताश सिंह सागर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

Edited By: Prashant Mishra