हल्द्वानी, जेएनएन : तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने वाली काशीपुर निवासी शायरा बानो को सरकार ने सम्मान दिया है। मगर हल्द्वानी के बनभूलपुरा में दहेज के चक्कर में एक युवक ने अपनी पत्‍‌नी से तीन बार तलाक कहकर उसे बच्चों समेत घर से बाहर निकाल दिया। जिसके बाद मामला थाने पहुंचा। जहां पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 

तीन तलाक को देश में गैरकानूनी माना जाता है। मगर बनभूलपुरा में एक पीड़ित पुलिस के सामने आई। नाजरीन पुत्री शफीक अहमद नाम की महिला ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि 22 सितंबर 2016 को उसकी शादी उत्तर उजाला निवासी नवाब के साथ हुई थी। निकाह के दौरान परिवार के लोगों ने साम‌र्थ्य के हिसाब से दहेज भी दिया। उसके बावजूद ससुराली उसका उत्पीड़न करने लगे। और अक्सर कार की डिमांड करते थे। दो साल पहले मारपीट कर नाजरीन को घर से बाहर भी निकाल दिया गया। कुछ दिन मायके रहने के बाद मामला महिला हेल्पलाइन पहुंचा। जिसके बाद दोनों पक्षों को सुलह के लिए बुलाया गया।

 

समझौता होने पर नाजरीन वापस ससुराल लौट गई। जिसके बाद उसने एक बेटे को जन्म भी दिया। पीड़िता के मुताबिक 18 अक्टूबर को उसने कमर में दर्द होने की बात कहकर पति से डाक्टर के पास ले जाने को कहा। जिस पर ससुराली दोबारा से दहेज में कार नहीं देने को लेकर ताने मारने लगे। मामला आगे बढ़ा तो जेठ व ननद धमकी देने लगे कि नवाब (पति) आज कहे तो दूसरी जगह उसकी शादी हो जाएगी। जिसके बाद सास ने भी बेटे पर तलाक को लेकर दबाव बनाया। आरोप है कि पति ने मुंह से तीन बार तलाक-तलाक बोल नाजरीन व उसके बेटे को घर से बाहर निकाल दिया। 

 

कर उसके पिता को भी बता दिया। वहीं, मामला पुलिस के पहुंचने पर पति नवाब, सास जैबुनिशा, जेठ जहीर व ननद फरजाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सुशील कुमार, एसओ बनभूलपुरा ने बताया कि पीड़िता ने दहेज के लिए बेघर करने और तीन तलाक देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जिसके बाद कार्रवाई जरूर होगी।

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