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नैनीताल, जेएनएन : उत्तराखंड में प्रदूषण फैला रही 323 औद्योगिक इकाईयों पर कभी भी ताला लग सकता है। हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट में इन फैक्ट्रियों पर प्रदूषण के मानकों का खुला उल्लंघन का आरोप प्रमाणित हुआ है। अब कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक माह के भीतर प्रदूषण फैला रही इन फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

ऊधमसिंह नगर निवासी अशोक कुमार व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पूरे राज्य में पेपर मिल, फैक्ट्रियां समेत औद्योगिक इकाईयां मानकों के खिलाफ संचालित हो रही हैं। ये इकाईयों बिना ट्रीटमेंट जहरीला रसायन नदी-नालों में बहा रही हैं, जिससे भूगर्भीय जल भी प्रदूषित हो रहा है। इसका दुष्परिणाम राज्य के नागरिकों पर गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। हाई कोर्ट ने पिछले साल 17 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रिपोर्ट पेश की गई। कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण मामले में अगली सुनवाई 25 मार्च के लिए नियत कर दी है।

793 फैक्ट्रियों की हुई जांच, 323 कर रहीं मानकों का उल्लंघन

रिपोर्ट मेंं कहा गया है कि राज्य में 793 फैक्ट्रियों में प्रदूषण के मानकों की जांच की गई, जिसमें से 323 प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करती पाई गई हैं। कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इन औद्योगिक इकाईयों की सूची राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देने को कहा है।

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Posted By: Skand Shukla

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