जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : हरिद्वार कुंभ में कोरोना जांच के घपले को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों के सवाल पर बचाव करते हुए कहा कि आपने कैसे मान लिया कि फर्जीवाड़ा हुआ है। मामले की जांच चल रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर एसआइटी प्रकरण को देख रही है। जांच में सब चीजें स्पष्ट हो जाएगी। थोड़ा परिणाम की प्रतीक्षा कीजिए। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पद से हटाने पर त्रिवेंद्र ने कहा कि क्या पता कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल जाए।

जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा की ओर से कुसुमखेड़ा स्थित निजी बैंक्वेट हॉल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। शुभारंभ करने पहुंचे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 और 35 ए को हटाकर डा. मुखर्जी के सपने एक देश में एक विधान और एक निशान को साकार किया है।

सेवा ही संगठन मुहिम के तहत भाजपा सामाजिक सरोकारों को आगे भी तत्परता से करेगी। वहीं, इससे पूर्व लामाचौड़ व कमलुवागांजा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं संग पूर्व सीएम का स्वागत किया। रक्तदान शिविर में 75 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री राजेंद्र बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, पूर्व प्रदेश मंत्री गजराज बिष्ट, कुमाऊं मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा, सह प्रभारी रवि कुरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेश रजवार, मंत्री मोहित मिश्रा आदि मौजूद थे।

आप भी आते, क्या पता आपको मिल जाता

आमतौर पर सवालों का कम जवाब देने वाले त्रिवेंद्र मीडिया से बात करते हुए हल्के अंदाज में भी नजर आए। उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि जिन तीन कंपनियों को कोरोना जांच का काम सौंपा गया था, उसमें से एक का संचालक भाजपा के बड़े नेताओं का करीबी है। वहीं, जब त्रिवेंद्र से इस बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे जानने वाले तो आप लोग भी है। आप भी आ जाते। क्या पता काम मिल जाता।

जज फार्म में किया याद

जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर जजफार्म में कार्यकर्ताओं ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। यहां बूथ संयोजक नारायण किरौला, आरडी पांडे, रमेश तिवारी, ब्रजमोहन कोहली, मनीष कांडपाल, गौरव नेगी, अनुज भट्ट, हरि मोहन पांडे मौजूद थे।

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Edited By: Prashant Mishra