काशीपुर, जागरण संवाददाता : आयुष्मान अस्पताल ने कोविड मरीज के इलाज का बिल सात लाख 67 हजार रुपये बिल बना दिया। मरीज के स्वजनों ने चार लाख चार हजार रुपये चुका भी दिए, लेकिन अस्पताल पूरे सात लाख 67 हजार रुपये वसूलने पर तुला रहा और मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

काशीपुर निवासी चर्चित जिंदल ने बीते दिनों सीओ अक्षय प्रहलाद कोंड को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनके चाचा विपिन जिंदल की तबीयत खराब थी। जिस कारण उन्हें 23 अप्रैल को मुरादाबाद रोड स्थित आयुष्मान अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने उन्हें 20 हजार रुपये प्रतिदिन ऑक्सीजन बेड और 30 हजार रुपये वेंटीलेटर का चार्ज बताया। उन्होंने अस्पताल में इलाज शुरू करवा दिया। अस्पताल ने 15 मई को उनका डिस्चार्ज बनाया तो सात लाख 67 हजार रुपये का बिल उन्हें पकड़ा दिया। वह चार लाख चार हजार रुपये पहले ही जमा कर चुके हैं।

 

दवाइयों के लिए डेढ़ लाख रुपये वह अलग से पहले ही दे चुके हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन उनके चाचा को डिस्चार्ज नहीं कर रहा है। उनसे तीन लाख 67 हजार रुपये और मांगे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद सीओ अक्षय प्रहलाद कोंडे ने प्रारंभिक जांच कराई तो आरोपों को बल मिलता प्रतीत हुआ। ऐसे में सीओ के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार देर रात घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वादी के चाचा विपिन जिंदल सीओ सर से शिकायत होने के बाद चार दिन पहले अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।

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Edited By: Skand Shukla