जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावितों का पुनर्वास करने और बांध के प्रोजेक्ट में निर्धारित क्षमता के हिसाब से बिजली उत्पादन करने के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। कोर्ट ने पुनर्वास मामले के सवाल को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है, जबकि इस मामले में जस्टिस आलोक वर्मा ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है। अब चीफ जस्टिस नई बेंच का गठन करेंगे।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में अधिवक्ता अभिनव थापर की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें टिहरी बांध के विस्थापितों को मुआवजा देने व उनका पुनर्वास करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि टिहरी बांध बने 14 साल हो गए हैं, तब से लगातार इस बांध से पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है, लिहाजा प्रभावितों को मुआवजे के तौर पर नुकसान की भरपाई की जाए। यह भी कहा कि प्रोजेक्ट के हिसाब से बांध से 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन होना चाहिए, लेकिन 1400 मेगावाट ही उत्पादन हो रहा है।

सीटीईटी पास अभ्यर्थियों को 451 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में मिलेगा मौका

उच्च न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया में अंतिम तिथि नहीं बढ़ाने के मामले पर सुनवाई की। इस दौरान शिक्षा सचिव राधिका झा ने वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश होकर बताया कि विभाग में अभी 451 प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जल्द ही इन पदों पर सरकार द्वारा विज्ञप्ति जारी की जा रही है। लिहाजा याचिकाकर्ता नई विज्ञप्ति की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने सरकार को 20 अक्टूबर तक विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं।

Edited By: Skand Shukla