उत्तराखंड हाई कोर्ट की सरकार को दो टूक, कहा-पाकिस्तानी सिख परिवार से देश को खतरा है तो उसे वहीं भेजो
हाई कोर्ट ने देहरादून में रह रहे एक पाकिस्तानी सिख परिवार को देश छोड़ने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।

उत्तराखंड हाई कोर्ट।
HighLights
हाई कोर्ट ने पाकिस्तानी सिख परिवार की याचिका पर सुनवाई की
सरकार को सोमवार तक निर्णय लेकर जवाब देने का आदेश
परिवार को देश से खतरा तो वापस पाकिस्तान भेजा जाए
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने देहरादून के बसंत विहार में वर्ष 2019 से दीर्घावधि वीजा पर रह रहे एक पाकिस्तानी सिख परिवार को सरकार की ओर से 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने के आदेश को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की।
वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने राज्य सरकार से कहा है कि अगर सिख परिवार से देश को खतरा है तो उसे अपने वतन पाकिस्तान वापस भेजा जा सकता है, अगर नहीं है तो सोमवार तक केंद्र व राज्य सरकार निर्णय लेकर कोर्ट में जवाब प्रस्तुत करे।
मामले की अगली सुनवाई को 15 जून सोमवार की तिथि नियत की है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का रहने वाला मनजीत वर्ष 2019 में दीर्घावधि वीजा पर परिवार के साथ भारत आया था।
2024 और दिसंबर 2026 को अपने वीजा की अवधि बढ़ा ली, 31 मई को राज्य सरकार ने उसे 24 घंटे में नोटिस देकर देश छोड़ने को कहा। यह नोटिस उसे दो जून को प्राप्त हुआ। जिसे उसकी ओर से याचिका दायर कर चुनौती दी गयी।
याचिका में कहा गया कि अभी उसके वीजा की अवधि समाप्त नहीं हुई है, उसके तीन बच्चे है। बडी बेटी बीटेक और दूसरी बीडीएस कर रही है, बेटा छोटा है इसलिए उसे वीजा की अवधि तक भारत में रहने दिया जाय।
सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कहा गया कि जहां पर मनजीत का परिवार रहता है, वहां आईटीबीपी का मुख्यालय भी है। जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इसलिए उसे पाकिस्तान वापस भेजा जाय।
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